गुप्त नवरात्रि पर महाकाल मंदिर में मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
किशनगंज, 17 जुलाई (हि.स.)। गुप्त नवरात्रि के अवसर पर शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में शुक्रवार को मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई।
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और भक्तों ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां चंद्रघंटा की पूजा संपन्न हुई। गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन से ही मंदिर में नियमित रूप से माता की विशेष आराधना की जा रही है। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के साथ भगवान महाकाल का भी जलाभिषेक एवं पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
शाम के समय मंदिर में भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गुंजायमान रहा। मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत ने बताया कि वर्ष में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है, जिनमें गुप्त नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु श्रद्धा एवं सच्चे मन से मां भगवती की उपासना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

