मंडल कारा में टीबी के खिलाफ विशेष अभियान, बंदियों की हैंडहेल्ड एक्स-रे से जांच
किशनगंज, 23 अक्टूबर (हि.स.)। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मंडल कारा किशनगंज में बंदियों को टीबी से सुरक्षित रखने के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर चलाया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से बंदियों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है। साथ ही, पात्र बंदियों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) के तहत 3एचपी दवा देने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य समय पर बीमारी की पहचान, आवश्यक उपचार और संक्रमण के जोखिम को कम करना है। डीपीएम डॉ. मुनाजिम के अनुसार, 2 जुलाई से 13 अक्टूबर 2026 तक जिले में 5,32,220 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 1,87,205 लोगों की स्क्रीनिंग वल्नरेबल ग्रुप मार्किंग के तहत दर्ज की गई। इस अवधि में 44,186 एक्स-रे जांच हुईं। सितंबर में 18,500 एक्स-रे जांच के लक्ष्य के विरुद्ध 11,268 जांच पूरी हुईं, जो 61 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं, एक से 12 अक्टूबर तक 7,250 के लक्ष्य के मुकाबले 2,680 जांच दर्ज की गईं।
इससे जांच अभियान में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तेजी लाने की जरूरत भी सामने आई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, टीबी मरीजों की अधिसूचना के आधार पर 3,290 पात्र व्यक्तियों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें 2,950 व्यक्तियों ने उपचार पूरा कर लिया है, जबकि 340 का उपचार लंबित है। रिपोर्ट में टीपीटी की उपलब्धि 97 प्रतिशत दर्ज की गई है।
डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के तहत 620 में से 609 मामलों में सेवा पूरी हुई है, जबकि 11 मामले लंबित हैं।जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने शुरुआती पहचान, चिकित्सकीय मूल्यांकन और उपचार की निरंतरता को महत्वपूर्ण बताया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी सह सीडीओ डॉ. मंजर आलम ने भी स्क्रीनिंग, उपचार और बचाव संबंधी सेवाओं के बेहतर समन्वय पर जोर दिया। मंडल कारा में चल रहा यह अभियान संस्थागत स्तर पर टीबी नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

