गंगा-कोसी के जलस्तर में मामूली गिरावट, तटबंधों पर आफत बरकरार
भागलपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। जिले के नवगछिया अनुमंडल के सीमावर्ती इलाकों में मंगलवार सुबह गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है। जलस्तर घटने से पानी के बहाव की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन इससे तटबंधों पर खतरा कम नहीं हुआ है। आंशिक गिरावट के बावजूद क्षेत्र के सभी महत्वपूर्ण तटबंधों पर नदियों का भीषण दबाव लगातार जस का तस बना हुआ है। जल संसाधन विभाग से मंगलवार सुबह मिले ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और चोरहर तटबंधों के 'टो' (निचले हिस्से) को नदी का पानी लगातार छू रहा है। इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा नदी आंशिक गिरावट के बाद भी खतरे के लाल निशान (31.60 मीटर) से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सबसे संवेदनशील स्थिति राघोपुर इलाके की बनी हुई है। यहाँ सुबह गंगा का जलस्तर 32.85 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर (32.68 मीटर) से 17 सेंटीमीटर अधिक है। पिछले 12 घंटों में यहाँ जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की गिरावट आई है, लेकिन नदी की तेज धारा सीधे तटबंध के निचले हिस्से (टो) से टकरा रही है। बचे हुए तटबंध और मुख्य रेलवे लाइन के अस्तित्व को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग के शीर्ष इंजीनियरों और विशेषज्ञों की देखरेख में युद्धस्तर पर बोल्डर और जियोबैग पिचिंग का फ्लड फाइटिंग कार्य जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

