कार्यपालक सहायकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं, अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन

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कार्यपालक सहायकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं, अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन


सीवान, 13 सितंबर (हि.स.)। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ, जिला इकाई सीवान की बैठक रविवार को पत्रकार भवन में हुई। अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष आजाद मिश्र ने की।

बैठक में जिले के विभिन्न विभागों एवं प्रखंडों में कार्यरत सैकड़ों कार्यपालक सहायकों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन को प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर तक मजबूत करने के साथ लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गयी।

बैठक में सेवा-सुरक्षा, मानदेय पुनर्निर्धारण, ईपीएफ, अवकाश एवं अन्य वैधानिक सुविधाएं, स्वास्थ्य बीमा, कॉरपोरेट सैलरी पैकेज तथा नियमितीकरण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। संघ ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों पर अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. सरकार को ठोस निर्णय लेना होगा।

संघ ने अगले 15 दिनों में जिले के सभी प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर पर संगठन का विस्तार करने का निर्णय लिया। साथ ही सभी विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायकों के लिए समूह स्वास्थ्य बीमा और कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने की मांग उठाने का फैसला किया गया। कार्यपालक सहायकों को हटाकर आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मियों की सेवा लेने की किसी भी कोशिश का विरोध करने की चेतावनी दी गयी।

वक्ताओं ने कहा कि कार्यपालक सहायक वर्षों से सरकारी विभागों में ऑनलाइन एवं कंप्यूटरीकृत सेवाओं के संचालन, विभिन्न पोर्टल पर डाटा कार्य और आरटीपीएस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभा रहे हैं।

इसके बावजूद उनकी सेवा-सुरक्षा को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बनना चिंता का विषय है। जिला उपाध्यक्ष आजाद मिश्र ने कहा कि मानदेय पुनर्निर्धारण का मामला लंबे समय से लंबित है। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त 2025 की 36वीं शासी परिषद की बैठक में मानदेय पुनर्निर्धारण पर अगली बैठक में प्राथमिकता से विचार करने का निर्णय हुआ था।

6 अक्टूबर 2025 को अपर मुख्य सचिव-सह-मिशन निदेशक, बीपीएसएमएस के साथ वार्ता में मानदेय वृद्धि का आश्वासन मिला। वहीं 10 दिसंबर 2025 की 37वीं शासी परिषद की बैठक में तीन माह में अनुशंसा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गयी, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ।

बैठक में बैजनाथ कुमार ने नियोजन से ‘संविदा’ शब्द हटाने, आकाश गुप्ता ने योजना अवधि की बाध्यता समाप्त करने, अभिषेक सिंह ने स्थायी पद सृजन, रंजीत पाण्डेय ने आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति, दीपक कुमार ने शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट करने तथा विवेक मिश्रा ने कार्यरत विभाग में ही समायोजन कर स्थायीकरण की मांग उठायी।

आजाद मिश्र ने कहा कि अक्टूबर 2026 से राज्य संघ के आह्वान पर कार्यपालक सहायक राज्यव्यापी आंदोलन में शामिल होंगे. जरूरत पड़ी तो पटना में भी आंदोलन किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि करीब 15 वर्षों से संविदा पर सेवा देने के बावजूद भविष्य अनिश्चित है।सरकार से सेवा-सुरक्षा, मानदेय पुनर्निर्धारण, पद सृजन, विभागीय समायोजन और नियमितीकरण पर समयबद्ध नीति बनाने की मांग की गयी।

हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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