बिहार में पुपरी की बेटी डॉ दीपशिखा ने जनसंचार में पीएचडी प्राप्त कर बढ़ाया क्षेत्र का मान

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बिहार में पुपरी की बेटी डॉ दीपशिखा ने जनसंचार में पीएचडी प्राप्त कर बढ़ाया क्षेत्र का मान


बिहार में पुपरी की बेटी डॉ दीपशिखा ने जनसंचार में पीएचडी प्राप्त कर बढ़ाया क्षेत्र का मान


सीतामढ़ी, 18 जून (हि.स)। बिहार में सीतामढ़ी जिले के पुपरी की बेटी एवं झझिहट निवासी डॉ दीपशिखा ने एमिटी विश्वविद्यालय से जनसंचार विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त कर परिवार, समाज और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

डॉ. दीपशिखा ने अपना शोध एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन में प्रो. (डॉ.) संजय मोहन जोहरी के निर्देशन तथा प्रो. (डॉ.) दिलीप कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, भारतीय जन संचार संस्थान, के सह-निर्देशन में पूरा किया। उनका शोध विशेष रूप से बिहार में बालिकाओं की शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, समुदाय की भागीदारी और विकास संचार की भूमिका पर केंद्रित है। डॉ. दीपशिखा ने अपने शोध में यह समझने का प्रयास किया कि सरकारी एवं गैर-सरकारी विकास एजेंसियां किस प्रकार संचार माध्यमों, जन-जागरूकता अभियानों, समुदाय आधारित कार्यक्रमों और शैक्षणिक जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देती हैं।

डॉ. दीपशिखा ने अपना शोध बिहार की बेटियों को समर्पित किया है, जो अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक और संरचनात्मक बाधाओं के बावजूद शिक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन बेटियों के साहस, संघर्ष, संकल्प और शिक्षा के प्रति विश्वास ने उनके शोध को उद्देश्य दिया। डॉ. दीपशिखा ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह कार्य बालिका शिक्षा के लिए अधिक सुरक्षित, सहयोगी और सशक्त वातावरण बनाने में छोटा ही सही, लेकिन सार्थक योगदान देगा।

उनकी इस उपलब्धि से उनकी माता संजू देवी तथा उनके पिता मिथिला बिहारी कर्ण के परिवार में हर्ष का माहौल है। नाना-नानी सुशील सिन्हा एवं प्रमिला सिन्हा, मामा संजीव सिन्हा एवं मामी स्वर्णप्रिया सिन्हा, मामा संजीत सिन्हा एवं मामी रंजीता सिन्हा, मौसी संजना वर्मा एवं मौसाजी राहुल वर्मा, तथा भाई सुमित कर्ण और सौरभ कर्ण सहित परिवार के सभी सदस्यों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। परिजनों ने कहा कि डॉ. दीपशिखा की यह उपलब्धि पुपरी और सीतामढ़ी के युवाओं, विशेषकर बेटियों, के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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