आंखों पर पट्टी बांधकर 105 किमी की कठिन कांवड़ यात्रा, महादेव के अनोखे भक्त संतोष साह की भक्ति देख हर कोई हैरान

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आंखों पर पट्टी बांधकर 105 किमी की कठिन कांवड़ यात्रा, महादेव के अनोखे भक्त संतोष साह की भक्ति देख हर कोई हैरान


भागलपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। सावन के पावन महीने में सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ गंगा धाम से लेकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक जाने वाले कच्ची कांवड़िया पथ पर इन दिनों आस्था के कई अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं।

कोई भगवान शिव को कांवड़ में बैठाकर बाबा धाम ले जा रहा है, तो कोई उन्हें अपने कंधे पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहा है। इसी बीच, पश्चिम बंगाल के रहने वाले शिवभक्त संतोष साह की अनोखी भक्ति इस पूरे मार्ग पर भारी चर्चा का विषय बनी हुई है।

संतोष साह अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर की बेहद कठिन और दुर्गम पैदल यात्रा कर रहे हैं। आमतौर पर लोग बाबा बैद्यनाथ से अपनी मन्नतें पूरी कराने के लिए गुहार लगाते हैं, लेकिन संतोष साह की इस यात्रा का उद्देश्य बिल्कुल अलग है। संतोष का कहना है कि वह बाबा भोलेनाथ के दरबार में कुछ मांगने नहीं, बल्कि उन्हें दिल से धन्यवाद देने जा रहे हैं। उन्होंने भावुक होकर बताया कि महादेव ने उन्हें बिना मांगे ही सब कुछ दे दिया है।

उनके दो बेटे और एक बेटी हैं, जिन्हें वह भोलेनाथ का दिया हुआ सबसे अनमोल उपहार मानते हैं। जब भगवान ने झोली पहले ही भर दी है, तो अब उनके पास मांगने के लिए कुछ नहीं बचा है। संतोष ने बताया कि सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरने के बाद अचानक उनके मन में एक संकल्प जागा। उन्होंने प्रण लिया कि बाबा धाम पहुंचने तक वह अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर ही पैदल यात्रा करेंगे और रास्ते में महादेव के अलावा किसी अन्य का दर्शन नहीं करेंगे। इस कठिन संकल्प को पूरा करने में उनके साले आलोक साव उनके लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। आलोक इस पूरी यात्रा में लगातार संतोष के साथ चल रहे हैं, उनका हाथ थामकर रास्ते के गड्ढों, पत्थरों और अन्य परिस्थितियों से उन्हें अवगत करा रहे हैं।

कच्ची कांवड़िया पथ पर जो भी इस दृश्य को देख रहा है, वह संतोष साह की अटूट आस्था और उनके साले के इस निस्वार्थ सहयोग को देखकर दांतों तले उंगली दबा रहा है। यह अनूठी यात्रा सोशल मीडिया से लेकर कांवड़िया पथ पर हर किसी के बीच कौतूहल और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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