तीसरी सोमवारी को लेकर भगवामय हुआ सुल्तानगंज

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तीसरी सोमवारी को लेकर भगवामय हुआ सुल्तानगंज


भागलपुर, 16 अगस्त (हि.स.)।

सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा इलाका शिवमय हो गया।

सोमवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने के लिए रविवार को सुल्तानगंज से 3 लाख से अधिक कांवरियों ने पवित्र गंगाजल उठाया और बाबाधाम के लिए रवाना हुए। दोपहर तक ही करीब 2 लाख से अधिक श्रद्धालु देवघर के लिए कूच कर चुके थे और देर शाम तक यह सिलसिला लगातार जारी रहा।

सुबह से ही सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट और जहाज घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। घाट से लेकर मुख्य रास्तों तक केवल केसरिया रंग का हुजूम नजर आ रहा था। पूरा माहौल 'बोल बम', 'हर-हर महादेव' और 'बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा।

इस बार सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं की अनोखी भक्ति भी देखने को मिली। कोलकाता से आया भक्तों का एक विशेष जत्था 105 किलो वजनी मां काली के स्वरूप वाली कांवर लेकर देवघर के लिए रवाना हुआ, जो सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। प्रशासन द्वारा तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर सुल्तानगंज गंगा घाट और मुख्य मार्गों पर देवतुल्य कांवरियों का स्वागत हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश करके किया गया, जिससे शिवभक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। सुल्तानगंज से देवघर के बीच लगभग 105 किलोमीटर लंबे कच्चे कांवरिया पथ पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।

सावन की चिलचिलाती धूप, उमस और भीषण गर्मी के बावजूद शिवभक्तों के कदम रुक नहीं रहे हैं। नंगे पैर चल रहे कांवरियों के चेहरों पर छाले और शारीरिक थकान की जगह बाबा भोलेनाथ के दर्शन की तड़प और अटूट संकल्प साफ झलक रहा है। कांवरिया पथ के सबसे कठिन और दुर्गम माने जाने वाले 'सुइया पहाड़' के रास्ते पर भी शिवभक्तों की कतारें लगातार नाचते-झूमते हुए आगे बढ़ रही हैं। भीड़ के इस भारी दबाव को संभालने के लिए बिहार और झारखंड जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नमामि गंगे घाट और कच्ची सड़क की शुरुआत में भक्तों के ठहरने के लिए आधुनिक वाटरप्रूफ 'जर्मन हैंगर' टेंट सिटी का निर्माण किया गया है, जहाँ हजारों श्रद्धालु एक साथ विश्राम कर रहे हैं। पूरे 105 किमी के मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और सरकारी विभागों द्वारा निःशुल्क सेवा शिविर चलाए जा रहे हैं। यहाँ कांवरियों के लिए गर्म पानी, शरबत, भोजन, दवाइयाँ और पैरों की मालिश की उत्तम व्यवस्था है।

गंगा घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मोटरबोट के साथ 24 घंटे मुस्तैद हैं। इसके साथ ही पूरे मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ की सुरक्षा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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