शॉर्ट सर्किट से चार घरों में लगी आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख
सुपौल, 07 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के निर्मली पंचायत स्थित बेला नगर वार्ड नंबर 3 में मंगलवार की देर रात बिजली के शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और अलग-अलग परिवारों के चार घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
अगलगी की इस घटना में पिंटू मंडल, मंटू मंडल, बिंदेश्वरी मंडल और हरेराम शर्मा के घर में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े, फर्नीचर, आवश्यक कागजात, नगदी समेत लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। वहीं आग की चपेट में आने से एक व्यक्ति झुलस गया, जबकि एक बकरी और दो बकरी के बच्चों की जलने से मौत हो गई।
गृहस्वामी पिंटू मंडल ने बताया कि शनिवार की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद घर में सो गए थे। इसी दौरान अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट से घर में आग लग गई। आग की गर्मी महसूस होने पर उनकी नींद खुली तो घर में आग की लपटें दिखाई दीं। उन्होंने शोर मचाकर घर में सो रहे परिवार के अन्य सदस्यों को जगाया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस दौरान घर में बंधे बछड़े को बाहर निकालने के प्रयास में वह भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। परिवार के लोगों की जान बच गई, लेकिन घर में रखा अधिकांश सामान बाहर नहीं निकाला जा सका।
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर के पीछे लगे करीब दर्जनों हरे पेड़ भी इसकी चपेट में आकर झुलस गए।
पिंटू मंडल के अनुसार घर में रखा बर्तन, बक्सा, चौकी, गेहूं, चावल, लकड़ी का फर्नीचर, आवश्यक कागजात और करीब 20 हजार रुपये नकद समेत अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
बिंदेश्वरी मंडल ने बताया कि उनके घर में रखे करीब एक क्विंटल चावल, पांच क्विंटल गेहूं, दो दर्जन बकरियां, कपड़े, चौकी, बर्तन तथा बक्से में रखा पटुवा बेचकर प्राप्त करीब 30 हजार रुपये नकद भी आग में जलकर राख हो गए।
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई थी, लेकिन टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास के कई अन्य घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
अगलगी की घटना की जानकारी पिपरा अंचलाधिकारी आकांक्षा कुमारी और थाना अध्यक्ष किशोर कुमार को भी दी गई।
सीओ आकांक्षा कुमारी ने बताया कि घटना की जांच के लिए राजस्व कर्मचारी को स्थल पर भेजा जा रहा है।
जांच रिपोर्ट और पीड़ितों से आवेदन प्राप्त होने के बाद सरकार के प्रावधान के अनुसार मिलने वाली सहायता एवं मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

