प्रांतीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ

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प्रांतीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ


भागलपुर, 19 अप्रैल (हि.स.)। आनन्दराम ढांढनियाँ सरस्वती विद्या मंदिर भागलपुर में आयोजित पांच दिवसीय प्रांतीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग के प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ रविवार को भव्य एवं गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुंगेर जिला निरीक्षक वीरेंद्र कुमार, भागलपुर जिला निरीक्षक सतीश कुमार सिंह, टीएनबी महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रिचा तोमर, प्रांतीय सह-सहसंयोजक अन्नु कुमारी, प्रांतीय संयोजक अनीता सिन्हा, प्रांतीय प्रशिक्षक अनामिका स्वराज, मातृ भारती की अध्यक्ष मधु प्रिया मंडल तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर भैया दिव्यांश श्रीवास्तव ने विद्या भारती के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार ने सभी अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि डॉ. रिचा तोमर ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग आचार्यों को 3 से 8 वर्ष के बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने खेल, कहानी एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति को बच्चों के संस्कार, रचनात्मकता और जिज्ञासा के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। मुंगेर जिला निरीक्षक वीरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि शिशु वाटिका बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम पाठशाला है, जहाँ से प्राप्त संस्कार उनके जीवन की नींव बनते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण के अनुभवों को अपने-अपने विद्यालयों में आत्मसात कर पंचकोशीय विकास के लक्ष्य को साकार करें। भागलपुर जिला निरीक्षक श्री सतीश कुमार सिंह ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक एवं उत्साहवर्धक रहा, जिसमें उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण वर्ग को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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