शराबबंदी वाले बिहार में बीआरसी बना 'जाम पार्टी' का अड्डा! पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा

WhatsApp Channel Join Now
शराबबंदी वाले बिहार में बीआरसी बना 'जाम पार्टी' का अड्डा! पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा


मधेपुरा, 11 जुलाई (हि.स.)। जिस शिक्षक को समाज का मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माता कहा जाता है, वही शिक्षक शराबबंदी वाले बिहार में सरकारी कार्यालय के अंदर जाम छलकाते पकड़े गए। चौसा प्रखंड स्थित बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) भवन में शराब पार्टी की गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की और तीन लोगों को शराब के नशे में गिरफ्तार कर लिया।

उत्पाद विभाग की सूचना पर चौसा थाना पुलिस ने बीआरसी भवन में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया। सभी का ब्रेथ एनालाइजर से परीक्षण कराया गया, जिसमें दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आई।

गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुन्दन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान तथा डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं।

उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि बीआरसी भवन में कुछ शिक्षक शराब का सेवन कर रहे हैं। उत्पाद विभाग की टीम के पहुंचने में समय लग सकता था, इसलिए तत्काल चौसा थाना पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई कराई गई।

डीईओ ने दिखाई सख्ती, दोनों शिक्षक तत्काल निलंबित

घटना की रिपोर्ट मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बीईओ चौसा की अनुशंसा के आधार पर जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, कुमारखंड निर्धारित किया गया है।

डीईओ ने निर्देश दिया है कि दोनों निलंबित शिक्षकों की नियमित बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। जीवन निर्वाह भत्ता भी बायोमैट्रिक उपस्थिति के सत्यापन के बाद ही स्वीकृत होगा। साथ ही दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए प्रपत्र-क जारी कर जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

डेटा ऑपरेटर पर भी गिरी गाज

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शराब पीने के आरोपी डेटा ऑपरेटर को सेवा से हटाने (टर्मिनेट) की अनुशंसा संबंधित विभाग को भेज दी गई है।

शराबबंदी वाले बिहार में सरकारी शिक्षा कार्यालय के भीतर शराब पीने की यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि विभागीय जांच में आगे और क्या कार्रवाई होती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Prashant Kumar

Share this story