शब-ए- बरात पर मुसलमानों ने अल्लाह से मांगी अपने गुनाहों की माफी,रखा रोजा
अररिया, 04 फरवरी(हि.स.)। अररिया सहित पूरे जिले में शब-ए- बरात का त्योहार धार्मिक रीतियों के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय ने रात भर अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए इबादत की।
महिलाएं अपने घरों में दुआएं करती रहीं, जबकि पुरुषों ने मस्जिदों में नमाज अदा की।शहर के कब्रिस्तानों,मस्जिदों और मुस्लिम मोहल्लों को रोशनी से सजाया गया और सभी ने अपने दिवंगत परिजनों के लिए दुआ की। मुस्लिम समाज द्वारा शबे बरात का त्योहार अकीदत के साथ मनाया गया।बीते देर शाम से ही मुस्लिम समाज के बुजुर्गों, नौजवानों और बच्चों ने मस्जिदों का रुख किया। देर शाम ईशा की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के बुजुर्गों, नौजवानों और बच्चों ने पूरी रात अपने अपने मोहल्ले की मस्जिदों के अंदर जाग कर नमाज अता कर इबादत की।
महिलाओं ने घरों में पूरी रात जाकर नमाज अता की। उन्होंने कुरान पढ़कर अल्लाह से अपने गुनाहों की रो-रोकर माफी मांगी। मुस्लिम समाज के सभी महिला पुरुषों ने अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए अपने कारोबार की बरकत, अपने परिजन अपने रिश्तेदार मोहल्ले पड़ोस के लोगों के लिए खुशहाली की दुआ मांगी। अपने मुल्क की तरक्की, अमन चैन, भाईचारा और प्यार मोहब्बत की दुआएं मांगी गई।
रोशनी से जगमगा उठे शहर के कब्रिस्तान मंगलवार रात को शहर के सभी कब्रिस्तान पर लाइट लगाकर रोशनी की गई। सभी कब्रिस्तान रोशनी से जगमगा रहे थे। कब्रिस्तान में कब्रों पर जाकर मगफिरत की दुआएं पढ़ी गई। शबे बरात को लेकर पुलिस प्रशासन भी सक्रिय रहे।बुधवार को सेहरी के बाद रोजा रखा गया।हालांकि फारबिसगंज में नगर परिषद प्रशासन की ओर से समुचित सफाई व्यवस्था नहीं होने पर रोष देखा गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

