स्वस्थ, समर्थ, संस्कारित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा भारत विकास परिषद्

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स्वस्थ, समर्थ, संस्कारित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा भारत विकास परिषद्


सीवान, 14 जून (हि.स.)। समाज में सेवा, संस्कार, सहयोग और समर्पण की भावना को मजबूत बनाकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। इसी सोच के साथ भारत विकास परिषद् देशभर में विभिन्न सेवा परियोजनाओं के माध्यम से कार्य कर रहा है। ये बातें भारत विकास परिषद् की क्षेत्रीय अध्यक्ष सुमन सिंह ने रविवार को सिवान में आयोजित जिला कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि परिषद् का मूल उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध एवं संपन्न वर्ग को वंचित और जरूरतमंद लोगों से जोड़कर एक समरस, संगठित और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है। परिषद् का ध्येय वाक्य स्वस्थ, समर्थ, संस्कारित भारत है, जिसे साकार करने के लिए संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और युवा जागरण जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है।

श्रीमती सिंह ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि परिषद् की विचारधारा और सेवा कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने संगठन विस्तार, सेवा परियोजनाओं के प्रभावी संचालन और सामाजिक जागरण के अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने पर बल दिया।

उल्लेखनीय है कि भारत विकास परिषद्, देशरत्न शाखा सीवान द्वारा दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के सभागार में एक दिवसीय कार्यकर्ता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष रोहित सिंह ने की, जबकि संचालन नवीन सिंह परमार ने किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. सुधांशु शेखर त्रिपाठी के नेतृत्व में अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया।

कार्यशाला के छह अलग-अलग सत्रों में परिषद् की कार्यपद्धति, संगठन विस्तार, सेवा परियोजनाओं एवं जनसंपर्क विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान क्षेत्रीय वृत्त सचिव सीए के.के. चौधरी, क्षेत्रीय संपर्क संयोजक अमरनाथ प्रसाद, प्रांत महासचिव सुधीर कुमार सिंह तथा प्रांतीय संगठन सचिव डॉ. नवनीत शांडिल्य ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।

रमेश कुमार सिंह को मिला विकास रत्न सम्मान

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण परिषद् की देशरत्न शाखा के संरक्षक रमेश कुमार सिंह को प्रदान किया गया विकास रत्न सम्मान रहा। क्षेत्रीय अध्यक्ष सुमन सिंह ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। परिषद् द्वारा देशभर में संचालित सेवा कार्यों के लिए न्यूनतम एक लाख रुपये का सहयोग देने वाले सहयोगियों को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाता है।कार्यशाला में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को और अधिक गति देने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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