आईपीएस विकास वैभव ने समृद्ध बिहार के लिए रोजगार सृजन वाली शिक्षा का किया आह्वान

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आईपीएस विकास वैभव ने समृद्ध बिहार के लिए रोजगार सृजन वाली शिक्षा का किया आह्वान


आईपीएस विकास वैभव ने समृद्ध बिहार के लिए रोजगार सृजन वाली शिक्षा का किया आह्वान


आईपीएस विकास वैभव ने समृद्ध बिहार के लिए रोजगार सृजन वाली शिक्षा का किया आह्वान


अररिया 20 अप्रैल(हि.स.)। फारबिसगंज के पाई वर्ल्ड और पाई किड्स प्ले स्कूल में इन्वेस्टिचर सेरेमनी में सीनियर आईपीएस विकास वैभव ने भाग लिया और स्कूल के शैक्षणिक माहौल और प्रबंधन की तारीफ की।

उन्होंने स्कूल के विभिन्न हाउस सहित स्कूल के एक्टिविटी के लिए चयनित प्रमुख के कैप्टन,वाइस कैप्टेन और अन्य छात्र छात्राओं को बैच प्रदान कर उन्हें उनकी जिम्मेवारी सौंपी।आयोजन का उद्देश्य छात्रों में नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था,जिसको सीनियर आईपीएस विकास वैभव ने बच्चों को अपने संबोधन में बखूबी समझाया।

अपने संबोधन में सीनियर आईपीएस विकास वैभव ने बताया कि बिहार और बिहारी शब्द सम्मान का प्रतीक है।बिहार की पौराणिक इतिहास गौरवशाली और शिक्षा,स्वास्थ्य और उद्यमिता से भरपूर रहा है।जिस समय ऑक्सफोर्ड जैसे यूनिवर्सिटी का निर्माण नहीं हुआ था,उस समय बिहार में नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय बिहार में थे।जहां उच्च शिक्षा के लिए बिहार और देश के अलग अलग हिस्सों से ही नहीं विदेशों से लोग आते थे।उन्होंने कहा कि पाई वर्ल्ड स्कूल के शैक्षणिक माहौल का देखकर काफी प्रसन्नता हो रही है।छात्र छात्राओं का अनुशासन और उनका बॉडी लैंग्वेज स्कूल के प्रति उनकी आत्मीयता को दर्शाता है।उन्होंने बच्चों से अपने को कमजोर कभी न समझने की सलाह दी।कभी भी हीन भावना से ग्रसित नहीं होना है।

उन्होंने कहा कि प्राचीन बिहार में जाती,धर्म,सम्प्रदाय और लिंग का भेद नहीं था,फलस्वरूप हम श्रेष्ठ थे।विश्व का पहला गणराज्य वैशाली को सबसे सशक्त गणराज्य वाले बिहार में उद्यमिता की अपार संभावनाएं रही और आज भी बिहार में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए पढ़ाई नहीं करनी है,बल्कि रोजगार सृजन के क्षमता के विकास के लिए पढ़ाई करनी है।उन्होंने कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में भागलपुर व्यापार का केंद्र रहा है।भागलपुर का चंपा जो चंपानगर के नाम से जाना जाता है,उसका लिंक वियतनाम से मिलता है।आज भी उत्तरी कोरिया,दक्षिण कोरिया सहित विश्व के कई देशों में गांव के नाम बिहार के नाम से मिलते हैं।उन्होंने जॉब क्रिएटर्स और स्टार्टअप को जरूरत करार दिया।उन्होंने कहा कि बिहार के पौराणिक इतिहास की पुनरावृत्ति को लेकर ही लेट्स इंस्पायर बिहार जैसे मुहिम चलाया जा रहा है,जिसमें साढ़े तीन लाख से अधिक बिहार और बिहार के बाहर के बिहारी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े हैं।लेट्स इंस्पायर बिहार के तहत शिक्षा,स्वास्थ्य और उद्यमिता के क्षेत्र में काम किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि 2047 में समृद्ध भारत तभी हो सकता है,जब बिहार समृद्ध हो।इसलिए सबों को अपने अंदर के नेतृत्व करने की क्षमता को पहचान कर उसे विकसित करने की जरूरत है।

इससे पूर्व स्कूल के प्रबंध निदेशक अमित सिंह एवं निदेशक कार्तिक सिंह ने स्कूल की प्रगति और उपलब्धियों को लेकर जानकारी दी और प्रेरक विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।साथ ही मिले नेतृत्व की भूमिका को जिम्मेदारीपूर्वक निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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