राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा गायत्री शक्तिपीठ में राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर संगोष्ठी
सहरसा, 12 जुलाई (हि.स.)।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के 100 वर्ष (शताब्दी वर्ष) पूरे होने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहरसा द्वारा गायत्री शक्तिपीठ में 'युवा संवाद' के तहत राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर रविवार को एक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी डॉ. अरुण कुमार जायसवाल, विभाग प्रचारक सुमित जी और सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ. गौतम कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।संवाद कार्यक्रम में शहर के बड़ी संख्या में युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस संगोष्ठी में मुख्य ट्रस्टी डॉ अरुण कुमार जायसवाल ने राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं के दायित्वों और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने पर विशेष जोर दिया। उनहोंने इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया उन्होंने कहा कि सेवा, संगठन, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संस्कारित, संगठित और जागरूक युवा ही विकसित, आत्मनिर्भर एवं गौरवशाली भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला रख सकते हैं।
उन्होंने युवाओं को समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रेरणा दी। आर एस एस के विभाग प्रचारक सुमितजी. ने कहा कि भारत आज अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों का स्थायी और प्रभावी समाधान तभी संभव है, जब देश का युवा वर्ग राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग बने।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार

