भारत-नेपाल सीमा के दिघलबैंक चेकपोस्ट पर सुरक्षा कड़ी
किशनगंज, 26 मार्च (हि.स.)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित किशनगंज जिले के दिघलबैंक चेकपोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
अब नेपाल से भारत आने वाले सभी यात्रियों को डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना अनिवार्य होगा। यह कदम सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चेकपोस्ट पर वॉक-थ्रू गेट स्थापित किया गया है, जिससे अब नेपाल से भारत आने वाले यात्रियों को हवाई अड्डों, मेट्रो स्टेशनों और शॉपिंग मॉल की तर्ज पर सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। इसके साथ ही यात्रियों को अपना पहचान पत्र भी प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस संबंध में दिघलबैंक कंपनी के सहायक कमांडेंट प्रिय रंजन चकमा ने बताया कि नेपाल से आने वाले सभी लोगों की पहचान पत्र के साथ मशीन के माध्यम से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सुरक्षा जांच में काफी सहूलियत मिलेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा।
उन्होंने बताया कि दिघलबैंक चेकपोस्ट रोजाना भारत और नेपाल के बीच सैकड़ों लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है, जिसके कारण इसे संवेदनशील स्थानों में गिना जाता है। ऐसे में DFMD लगाए जाने से सुरक्षाकर्मियों को आने-जाने वाले लोगों की तलाशी लेने और उनके सामानों की जांच करने में आसानी होगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी। गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच इस सीमा क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं।
दोनों देशों के नागरिक रोजमर्रा की जरूरतों, व्यापारिक गतिविधियों तथा चिकित्सा सुविधाओं के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं। देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब दिघलबैंक सीमा चेकपोस्ट पर मशीन के माध्यम से जांच की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

