वायरल वीडियो से जातीय तनाव की आशंका, आंदर में 31 अगस्त तक निषेधाज्ञा

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सीवान, 28 अगस्त (हि.स.)।

उज्जैन बंगरा गांव में वायरल वीडियो और बाबा भीमराव अंबेडकर के संबंध में जातिसूचक शब्दों के प्रयोग को लेकर उत्पन्न विवाद ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।

अनुमंडल दंडाधिकारी, सीवान सदर आशुतोष गुप्ता के आदेशानुसार उज्जैन बंगरा गांव, आंदर प्रखंड और आंदर बाजार क्षेत्र में 28 से 31 अगस्त तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है।

प्रशासन ने यह कार्रवाई क्षेत्र में जातीय तनाव और सामाजिक हिंसा की प्रबल आशंका को देखते हुए की है। आदेश में बताया गया है कि आंदर थानाध्यक्ष की ओर से 28 अगस्त को दी गयी रिपोर्ट के अनुसार उज्जैन बंगरा गांव में बाबा भीमराव अंबेडकर के संबंध में जातिसूचक शब्दों के प्रयोग तथा संतोष सिंह के साथ मारपीट और गाली-गलौज को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी है।

मामले में दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त कर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और दोनों कांड अनुसंधान के अधीन हैं। आदेश के अनुसार वायरल वीडियो के माध्यम से दोनों पक्षों के समाजसेवियों द्वारा उन्मादपूर्ण एवं भड़काऊ कथन लगातार प्रसारित किये जाने से स्थिति और संवेदनशील हो गयी है। इसे देखते हुए विधि-व्यवस्था एवं सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गयी है। निषेधाज्ञा के दौरान चार या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, भड़काऊ भाषण देने, नारेबाजी करने और अफवाह फैलाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा लाठी, भाला, गड़ासा, चाकू, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक अथवा अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

प्रशासन ने सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। लोक शांति भंग करने, जातीय उन्माद फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, एक जाति को दूसरी जाति के विरुद्ध भड़काने, लोक सेवकों को धमकी देने अथवा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाली सामग्री के प्रसार पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि विधि-व्यवस्था में तैनात सरकारी पदाधिकारी, पुलिस एवं सैन्य बल के कर्मचारी, प्रशासन द्वारा जारी पासधारी, शव यात्रा, धार्मिक जुलूस तथा शादी-विवाह कार्यक्रम इस निषेधाज्ञा से मुक्त रहेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निषेधाज्ञा 28 अगस्त से 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने संवेदनशील स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।

हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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