पीड़ित अधिकार केंद्र से मिलेगा संबल: कटिहार में लाइव जुड़े जिला जज व न्यायिक अधिकारी
कटिहार, 26 सितंबर (हि. स.)। पीड़ितों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा न्याय प्रक्रिया में उन्हें जरूरी विधिक सहायता एवं संबल प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'पीड़ित अधिकार केंद्र' के उद्घाटन का शनिवार को कटिहार में सीधा प्रसारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), कटिहार द्वारा व्यवहार न्यायालय परिसर में वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम से यूट्यूब पर आयोजित इस लाइव प्रसारण में जिले के तमाम वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और विधिक स्वयंसेवक शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा), पटना परिसर में नवनिर्मित पीड़ित अधिकार केंद्र का भव्य उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस राज्यस्तरीय आयोजन से कटिहार न्यायमंडल भी सीधे जुड़ा रहा।
कटिहार में आयोजित लाइव प्रसारण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष (डालसा) रणवीर सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम संदीप मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय आशुतोष राय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सुनील कुमार, उत्पाद न्यायालय द्वितीय के विशेष न्यायिक पदाधिकारी सौरभ सिंह तथा अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव (डालसा) कमलेश सिंह देऊ की गरिमामयी उपस्थिति रही।
न्याय तक पहुंच को और सुगम बनाएगा केंद्र: डालसा सचिव
कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कटिहार के सचिव कमलेश सिंह देऊ ने कहा कि पीड़ित अधिकार केंद्र की स्थापना एक ऐतिहासिक व संवेदनशील पहल है। यह केंद्र अपराध पीड़ितों के अधिकारों के संरक्षण, उन्हें समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने और न्याय तक उनकी पहुंच को अत्यंत सुगम व सरल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पीड़ित व्यक्ति को भी कानूनी प्रक्रिया में संबल मिलेगा।
प्रशिक्षित मध्यस्थ और पैनल अधिवक्ता रहे मौजूद
पटना में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान बालसा के संरक्षक-सह-चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव तथा बालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुधीर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। वहीं कटिहार में इस लाइव प्रसारण को देखने के लिए प्रशिक्षित मध्यस्थ, पैनल अधिवक्ता, लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) के सदस्यगण, डालसा के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पारा विधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

