सावित्री बाई फुले की मनी 194वीं जयंती
अररिया, 03 जनवरी(हि.स.)। देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 194वीं जयंती शनिवार को फारबिसगंज के भगवती देवी बालिका उच्च विद्यालय में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार झा ने की। इस अवसर पर शिक्षकों और छात्राओं ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि 11 वर्ष की आयु में समाज सुधारक ज्योतिबा फुले से विवाह के बाद सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा ग्रहण की और देश की पहली महिला शिक्षिका बनीं। शोषित,वंचित और महिलाओं को शिक्षित करने के उद्देश्य से उन्होंने 1848 में 18 विद्यालयों की स्थापना की। सामाजिक उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार सहने के बावजूद वे कुरीतियों के खिलाफ डटी रहीं।
सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ था। वे भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रधानाचार्या और पहले किसान स्कूल की सह-संस्थापिका थीं। वे एक कवयित्री भी थीं और मराठी की आदिकवि के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने और ज्योतिबा फुले ने 24 सितंबर 1873 को सत्यशोधक समाज की स्थापना की तथा विधवा पुनर्विवाह की परंपरा की शुरुआत की।
कार्यक्रम में शिक्षिका पूनम मंडल,ममता कुमारी,चंदन मंडल,नीरज कुमार, सन्नी कुमार,हिमांशु कुमार,रोहित कुमार झा,कंचन कुमारी,मिथिलेश कुमार विश्वास सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

