जेपी के जयंती के पूर्व संध्या पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार जेपी के परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित

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जेपी के जयंती के पूर्व संध्या पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार जेपी के परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित


जेपी के जयंती के पूर्व संध्या पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार जेपी के परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित


जेपी के जयंती के पूर्व संध्या पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार जेपी के परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित


जेपी के जयंती के पूर्व संध्या पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार जेपी के परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित


सारण, 10 अक्टूबर (हि.स.)। जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के जयप्रकाश अध्ययन केंद्र की ओर से लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती की पूर्व संध्या पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह अवसर लोकनायक के परिवार के सदस्य डॉ. विवेक प्रसाद और डॉ. कौशिक प्रसाद इस कार्यक्रम में शामिल हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेयी ने दोनों विशिष्ट अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जेएनयू नई दिल्ली के प्रो संजय के. भारद्वाज ने अपने संबोधन में जेपी के व्यक्तित्व, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक परिवर्तन और समकालीन भारत में उनकी वैचारिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकनायक के विचारों को भारतीय नागरिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व के परिप्रेक्ष्य में समझना आवश्यक है। इस दौरान प्रो. गजेंद्र कुमार और प्रो. राजेश नायक ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेयी ने लोकनायक की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने पर बल दिया। उन्होंने जयप्रकाश अध्ययन केंद्र को विश्वविद्यालय में जयप्रकाश अभिलेखागार स्थापित करने का निर्देश दिया। इस प्रस्तावित अभिलेखागार में जेपी से जुड़े दस्तावेजों, पत्रों, दुर्लभ पुस्तकों, चित्रों और ऐतिहासिक सामग्रियों का संरक्षण व अध्ययन किया जा सकेगा, जो भविष्य के शोध को नई दिशा देगा।

कार्यक्रम का विषय-प्रवर्तन केंद्र के निदेशक प्रो सैय्यद रजा ने किया। संचालन एनएसएस समन्वयक प्रो. हरिश्चंद्र ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रितेश्वर नाथ तिवारी ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो नारायण दास सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

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