डॉ. अंबेडकर आवासीय बालिका विद्यालय में सखी वार्ता, बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का संदेश

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डॉ. अंबेडकर आवासीय बालिका विद्यालय में सखी वार्ता, बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का संदेश


किशनगंज, 09 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी नवीन कुमार की पहल पर गुरुवार को डॉ. अंबेडकर आवासीय बालिका विद्यालय, हालामाला (मोतिहारा) में किशोरियों के लिए ‘सखी वार्ता’ एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा, करियर, महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस सह महिला एवं बाल विकास निगम की नोडल पदाधिकारी अंकिता सिंह के नेतृत्व में किया गया।

इस दौरान छात्राओं को लैंगिक समानता, बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी तथा महिला एवं बालिका कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम के जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील झा और वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) किशनगंज की केस वर्कर टुंपा दास ने छात्राओं से संवाद किया। छात्राओं ने करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और प्रेरणादायक ढंग से उत्तर दिया। जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील झा ने कहा कि हर बेटी में सफलता हासिल करने की असीम क्षमता होती है।

स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अंकिता सिंह ने कहा कि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सही मार्गदर्शन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और भविष्य के प्रति जागरूक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास निगम का उद्देश्य प्रत्येक बेटी को सुरक्षित, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास निगम और वन स्टॉप सेंटर की टीम का आभार जताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक रहा।

कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे और छात्राओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। अंत में छात्राओं ने ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन कराने की मांग की।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

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