दरभंगा, मदरिया का सहनी पोखर अतिक्रमण की चपेट में, दस एकड़ से सिमटकर चौथाई रह गया

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दरभंगा, मदरिया का सहनी पोखर अतिक्रमण की चपेट में, दस एकड़ से सिमटकर चौथाई रह गया


दरभंगा, 27 फ़रवरी (हि.स.)। तारडीह प्रखंड क्षेत्र के बैका पंचायत अंतर्गत मदरिया गांव स्थित सरकारी तालाब सहनी पोखर तेजी से अतिक्रमण का शिकार होता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग दस एकड़ में फैला यह तालाब अब सिमटकर करीब एक चौथाई हिस्से तक रह गया है। चारों ओर से हो रहे अवैध कब्जे और भराई के कारण इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब के दक्षिण दिशा में ही आंशिक रूप से मेड़ और जोत-कोर की स्थिति बची हुई है, जबकि शेष तीनों दिशाओं में घनी बस्ती बस चुकी है। कई लोगों ने मनमाने ढंग से मिट्टी भरकर तालाब की जमीन पर घर बना लिए हैं। चिंताजनक बात यह है कि यह सिलसिला अब भी जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार “जल-जीवन” और जल संरक्षण के तहत तालाबों की खुदाई एवं पुनर्जीवन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक उदासीनता के कारण मदरिया का यह ऐतिहासिक तालाब सिकुड़ता जा रहा है। यदि समय रहते अतिक्रमण पर रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में सहनी पोखर पूरी तरह समाप्त हो सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब स्थल निरीक्षण कर सीमांकन, अतिक्रमण हटाने तथा तालाब के संरक्षण की मांग की है, ताकि जल संचयन और पर्यावरण संतुलन के इस महत्वपूर्ण स्रोत को बचाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

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