सुपौल में पत्रकारों की बैठक सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार से मारपीट के विरोध में पत्रकार एकजुट
सुपौल, 15 सितंबर (हि.स.)। सहरसा जिले में खबर संकलन के दौरान सदर अस्पताल में पत्रकार के साथ चिकित्सक द्वारा मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में मंगलवार को जिला मुख्यालय में विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की।
बैठक के दौरान सहरसा की घटना को लेकर उपस्थित पत्रकारों से विचार आमंत्रित किए गए। पत्रकारों ने अपने-अपने विचार रखते हुए घटना पर चिंता जताई और कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस पहल जरूरी है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसी भी पत्रकार के साथ होने वाली घटना को व्यक्तिगत मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पत्रकार बिरादरी को एकजुट होकर उसका विरोध करना चाहिए।
बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि यदि मंगलवार की रात तक संबंधित मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है तो पत्रकारों की ओर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। उपस्थित पत्रकारों ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। हालांकि, आंदोलन के स्वरूप और आगे की रणनीति पर पत्रकारों से प्राप्त सुझावों के आधार पर निर्णय लेने की बात कही गई।
पत्रकारों ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और पत्रकारों का काम जनता की समस्याओं तथा घटनाओं को सामने लाना है। खबर संकलन के दौरान पत्रकारों को धमकाने, रोकने या उनके साथ दुर्व्यवहार करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी तरीके से रोक लगनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन को भी पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखानी होगी। बैठक में यह भी कहा गया कि पत्रकारों को अपना काम निष्पक्ष एवं निर्भीक होकर करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना आवश्यक है। किसी भी पत्रकार के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार की घटना न केवल संबंधित पत्रकार को प्रभावित करती है, बल्कि इससे पूरे मीडिया जगत में असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा की गई।
बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने सहरसा की घटना के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार हित और पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जिले के सभी पत्रकारों को आपसी मतभेद से ऊपर उठकर एक मंच पर आने की जरूरत है। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास ही प्रभावी साबित हो सकता है।
इस दौरान बैठक में पत्रकारों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही भविष्य में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो, इसके लिए उचित व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता जताई गई।
बैठक में मुख्य रूप से वरिष्ठ तपेश्वर मिश्र, सुमन कुमार सिंह, संतोष चौहान , राजीव झा , रोशन सिंह, विकास कुमार, पीयूष कुमार, लाल बहादुर यादव, अजय सिंह, अजीत ठाकुर, संजय सिंह , कुणाल कुमार, सहवाज खान, रवि शंकर चौधरी, ईद मोहम्मद, राजीव रंजन सिंह, संतोष , मोहम्मद अकबर, विजय कुमार गुप्ता, मोहम्मद नजीर आलम, संजय सिंह, केशव कुमार, बाबुल कुमार, कुंदन कुमार, मोहम्मद अख्तरुल, मिथिलेश कुमार झा, अरमान सिंह , नवीन कुमार, राजा मुराद सहित जिले के सभी गणमान्य पत्रकार उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

