व्यवहार न्यायालय से 'सुरक्षित बचपन अभियान' के तहत निकाली गई जागरूकता रैली

WhatsApp Channel Join Now
व्यवहार न्यायालय से 'सुरक्षित बचपन अभियान' के तहत निकाली गई जागरूकता रैली


भागलपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने और उन्हें एक सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से व्यवहार न्यायालय परिसर से शुक्रवार को 'सुरक्षित बचपन अभियान' के तहत एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित इस रैली का मुख्य उद्देश्य शहरी से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक आम लोगों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। रैली के माध्यम से समाज में फैले गंभीर मुद्दों जैसे बाल अधिकार, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध, बढ़ते साइबर अपराध और बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। रैली में शामिल लोगों ने तख्तियों और नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया।

इस दौरान बच्चों को 'सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श' के बीच अंतर समझाने तथा किसी भी प्रकार की परेशानी या शोषण होने पर बिना डरे तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए के अध्यक्ष दीपंकर पांडे ने कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, शहर और गांवों में बच्चों से जुड़े अपराधों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और ऐसे मामलों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से यह रैली निकाली गई है।

हमारा लक्ष्य है कि समाज का हर नागरिक जागरूक हो, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके और उन्हें एक भयमुक्त व सुरक्षित माहौल मिल सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस अनूठी पहल की सराहना की जा रही है।

जानकारों का मानना है कि यह अभियान बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने के साथ-साथ समाज को भी उनकी सुरक्षा के लिए जवाबदेह बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

769537 Articles

Share this story