अमेरिका के स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर सजा रुईधासा का दुर्गा पूजा पंडाल, भव्यता देख ठहर जा रहे कदम

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अमेरिका के स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर सजा रुईधासा का दुर्गा पूजा पंडाल, भव्यता देख ठहर जा रहे कदम


किशनगंज, 16 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के ऐतिहासिक रुईधासा मैदान के समीप इस बार दुर्गोत्सव की भव्यता देखते ही बन रही है। टाउन क्लब दुर्गा पूजा समिति की ओर से तैयार किया जा रहा गगनचुंबी पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर तैयार हो रहे इस पंडाल की भव्य संरचना दूर से ही लोगों का ध्यान खींच रही है। नवरात्र के अवसर पर यहां मां दुर्गा के दर्शन के लिए किशनगंज सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। रुईधासा दुर्गा पूजा का इतिहास आस्था, समर्पण और सामूहिक प्रयास की मिसाल है। स्थानीय निवासी एवं पूजा समिति के सदस्य राजेश दुबे के अनुसार, वर्ष 1982 में बैंक सेवा से सेवानिवृत्त हुए पांच साथियों संदीप घोष राय, स्वर्गीय बिमल दास, सुनील कुंडू, प्रदीप मजूमदार और गौतम दास ने यहां पहली बार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की थी। पांच लोगों की छोटी-सी पहल आज चार दशकों से अधिक की परंपरा में बदल चुकी है। समय के साथ पूजा का स्वरूप भव्य होता गया, लेकिन आस्था और परंपरा का मूल भाव आज भी कायम है। टाउन क्लब की खासियत हर साल अलग-अलग थीम पर आधारित भव्य पंडाल का निर्माण है। आकर्षक सजावट, बारीक कारीगरी और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था पूजा की रौनक बढ़ाती है। विश्वकर्मा पूजा के बाद से ही समिति के सदस्य और स्थानीय युवा तैयारियों में जुट जाते हैं। पंडाल निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। समिति के लिए श्रद्धालुओं की आस्था और मां दुर्गा के प्रति समर्पण ही इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है। यहां मां दुर्गा की आराधना शुरू से बंगाली परंपरा के अनुसार की जाती है। मुख्य पुजारी पंडित संजय भट्टाचार्य बताते हैं कि पहले उनके पिता पूजा संपन्न कराते थे। अब वे स्वयं वर्षों से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। विशेष मंत्रोच्चार, पुष्पांजलि और ढाक की थाप पर आरती का दृश्य श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से भर देता है। यहां प्रतिदिन सुबह आठ बजे और शाम छह बजे आरती होती है। अष्टमी और नवमी के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें खिचड़ी, हलुआ और फल का महाप्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाएगा। रुईधासा मैदान के समीप होने के कारण यहां पूजा के साथ मेले का आनंद लेने के लिए भी लोगों की भीड़ जुटती है। इस बार मंदिर की तर्ज पर तैयार हो रहा भव्य पंडाल किशनगंज के दुर्गोत्सव को खास पहचान देने के साथ श्रद्धालुओं के लिए यादगार आकर्षण बनने जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Livevns.news Desk
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