कोसी की तेज धार में डूबी मदरौनी की मुख्य सड़क, घरों की छतों पर रहने को मजबूर ग्रामीण

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कोसी की तेज धार में डूबी मदरौनी की मुख्य सड़क, घरों की छतों पर रहने को मजबूर ग्रामीण


भागलपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत मदरौनी पंचायत में कोसी नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पिछले 14 दिनों से कोसी नदी गांव के बीचों-बीच बह रही है, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि कोसी का पानी अब मदरौनी की मुख्य सड़क पर पांच फीट से अधिक ऊपर बह रहा है। पानी की लहरों में इतना तेज करंट है कि सड़क पर कदम रखना मौत को दावत देने जैसा है। लहरों की इस रफ्तार को देखकर स्थानीय ग्रामीण भारी दहशत में हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी लोगों के घरों के भीतर प्रवेश कर चुका है। घर डूबने के कारण लोग अपने-अपने घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं और दाने-दाने को मोहताज हैं। विडंबना यह है कि इस आपदा की घड़ी में अब तक प्रशासन की ओर से सरकारी नाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पानी का बहाव इतना तेज है कि ग्रामीण अपनी छोटी डेंगी (नाव) से भी बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, क्योंकि तेज लहरों में डेंगी के भी बह जाने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी बाढ़ ने यहाँ भारी तबाही मचाई थी और कई लोग सरकारी मदद से वंचित रह गए थे, और इस बार भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है।

प्रशासनिक उदासीनता के बीच मदरौनी पंचायत के लोगों के लिए स्थानीय समाजसेवी सुजीत कुमार सिंह बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात बाढ़ पीड़ितों की सेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने न केवल अपने स्तर से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का जिम्मा उठाया है, बल्कि पंचायत के प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुंचा रहे हैं। बाढ़ का पानी जमा होने और घरों में घुसने के कारण महामारी न फैले, इसके लिए सुजीत कुमार सिंह द्वारा विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं। उनकी ओर से पूरे प्रभावित क्षेत्र में फॉगिंग कराई जा रही है ताकि मच्छरों का प्रकोप न बढ़े। इसके साथ ही, बाढ़ पीड़ितों के बीच आवश्यक दवाइयों का वितरण भी कराया जा रहा है, ताकि पानी से होने वाली बीमारियों से लोगों को बचाया जा सके। सुजीत सिंह के इस मानवीय कार्य की पूरे इलाके में सराहना हो रही है, जबकि लोग अब भी सरकारी तंत्र की राह देख रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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