सड़क हादसों पर लगेगा लगाम: सुपौल में सांसद की अध्यक्षता में बड़ी बैठक

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सड़क हादसों पर लगेगा लगाम: सुपौल में सांसद की अध्यक्षता में बड़ी बैठक


सुपौल, 04 मई (हि.स.)। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सोमवार को लहटन चौधरी सभागार में सांसद जिला सड़क सुरक्षा समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामत ने की, जिसमें विधायक, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, परिवहन विभाग और नगर निकाय के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने जिले में सड़क हादसों की वर्तमान स्थिति, ब्लैक स्पॉट की पहचान, जागरूकता अभियान और सुधारात्मक उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

बताया गया कि दुर्घटनाओं के कारणों का लगातार विश्लेषण कर चिन्हित स्थानों पर चेतावनी संकेत, रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी कई अहम सुझाव दिए। निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव ने पिपरा खुर्द, झाझा और चिकनी को ब्लैक स्पॉट घोषित करने की मांग की, जबकि पिपरा विधायक ने करियो चौक और बगही चौक को भी सूची में शामिल करने का प्रस्ताव रखा।

बैठक में गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के महत्व पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राहवीर योजना के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को ₹25,000 तक का इनाम दिया जाता है और उसे कानूनी प्रक्रिया से भी संरक्षण मिलता है। सांसद और जिला पदाधिकारी ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। यातायात जाम की बढ़ती समस्या को देखते हुए बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारियों को ई-रिक्शा के रूट और समय निर्धारण का अधिकार दिया गया, ताकि शहर में ट्रैफिक सुचारु रह सके।

बैठक में सड़कों की खराब रोड मार्किंग और धुंधली सफेद पट्टियों का मुद्दा भी उठा, जिस पर संबंधित विभाग को तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। सांसद ने ओवरस्पीडिंग, सीट बेल्ट नहीं पहनना, गलत दिशा में वाहन चलाना और अवैध पार्किंग को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही।

इसके अलावा पुलों, मोड़ों और व्यस्त चौराहों पर रेडियम पट्टी, रिफ्लेक्टर और साइनेज लगाने, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने और मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में लंबित सड़क दुर्घटना मामलों की समीक्षा करते हुए उन्हें जल्द ऑनलाइन अपलोड करने और पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने पर जोर दिया गया। साथ ही एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना 2026 की जानकारी दी गई, जिसके तहत 90 दिनों से अधिक पुराने ई-चालानों का निपटारा 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत में किया जाएगा।

अंत में जिला पदाधिकारी ने बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों से संबंधित एक विस्तृत बुकलेट तैयार की जा रही है, जिससे आम लोगों को यातायात नियमों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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