जिले में बढ़ रहा सूखा नशा का प्रभाव, कम उम्र के बच्चे हो रहे शिकार

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जिले में बढ़ रहा सूखा नशा का प्रभाव, कम उम्र के बच्चे हो रहे शिकार


भागलपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। जिले में इन दिनों सूखा नशा यानी ब्राउन शुगर का प्रचलन तेजी से बढ़ता जा रहा है, जो अब एक गंभीर सामाजिक समस्या का रूप ले चुका है।

चिंताजनक बात यह है कि इस नशे की चपेट में अब छोटे-छोटे बच्चे और किशोर भी आने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नशा अत्यंत खतरनाक है, क्योंकि इसके सेवन से मुंह से किसी प्रकार की दुर्गंध नहीं आती, जिससे युवा वर्ग इसे आसानी से छिपाकर अपनाने लगता है। बताया जाता है कि लगातार एक सप्ताह तक इसका सेवन करने पर व्यक्ति इसका आदि हो जाता है। इसके बाद उसके व्यवहार और सोच में नकारात्मक बदलाव आने लगते हैं और कई मामलों में वह चोरी, छिनतई जैसे अपराधों में भी लिप्त हो जाता है। इससे न केवल व्यक्ति का भविष्य बर्बाद होता है, बल्कि समाज की शांति और सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगता है। सिटी डीएसपी ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है।

उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समस्या के दो पहलू हैं सप्लाई और डिमांड। सप्लाई साइड पर प्रशासन नशा तस्करों की पहचान कर उनके नेटवर्क को खत्म करने की कार्रवाई कर रहा है। वहीं डिमांड साइड पर स्कूलों, मोहल्लों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और अभिभावकों को सतर्क किया जा रहा है।

उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह किया कि बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में समझाएं और उन्हें पढ़ाई व खेलकूद की ओर प्रेरित करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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