भागलपुर में बाढ़ आपदा की समीक्षा: पानी उतरते ही विशेष टीम करेगी नुकसान का सर्वे, पीड़ितों को नियमों के तहत मिलेगी पूरी सहायता

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भागलपुर में बाढ़ आपदा की समीक्षा: पानी उतरते ही विशेष टीम करेगी नुकसान का सर्वे, पीड़ितों को नियमों के तहत मिलेगी पूरी सहायता


भागलपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को स्थानीय समीक्षा भवन में जिले में बाढ़ और आपदा की स्थिति को लेकर एक विशेष समीक्षा बैठक की।

बैठक में क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा करते हुए राहत और बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, संबंधित विभागों के आला अधिकारी और क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं और बाढ़ प्रभावित लोगों की तात्कालिक जरूरतों को प्रभारी मंत्री के सामने प्रमुखता से रखा।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सुझावों और स्थानीय आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा, जिला प्रशासन सेवाभाव के साथ लगातार काम कर रहा है और प्रभावित इलाकों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर राहत पहुंचाई जा रही है। सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य आपदा प्रभावित लोगों की तकलीफ को कम करना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत के मामले में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों और गाइडलाइन का राज्य सरकार पूरी तरह पालन कर रही है। गाइडलाइन के तहत जो भी सहायता पीड़ितों को मिलनी है, वह उन्हें निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी पात्र प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे। प्रभारी मंत्री ने घोषणा की कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम प्रभावित क्षेत्रों में जाकर क्षतिग्रस्त घरों, फसलों, सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों का विस्तृत जायजा लेगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार पीड़ितों को मुआवजा और सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराना है। पानी उतरने के बाद क्षति के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।

सरकार का दावा है कि नियमों के दायरे में रहकर हर पीड़ित को उसके नुकसान के अनुरूप उचित सहायता दिलाई जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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