शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं के जन आंदोलन की ऐतिहासिक जीत : चक्रपाणि

WhatsApp Channel Join Now
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं के जन आंदोलन की ऐतिहासिक जीत : चक्रपाणि


भागलपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने शनिवार को एक प्रेस बयान जारी कर केंद्र की मोदी सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत पहले ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लेना चाहिए था। डॉ. हिमांशु ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्ति का पद छोड़ना नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के लोकतांत्रिक जन आंदोलन की एक ऐतिहासिक और बड़ी जीत है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान हक की आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना, उन्हें गिरफ्तार करना और उन पर प्राथमिकी दर्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक होने के कारण मानसिक तनाव में आकर दर्जनों मेधावी छात्रों ने आत्महत्या कर ली, जो पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। पिछले 10 वर्षों में केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के कार्यकाल के दौरान लगभग 152 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। बार-बार पेपर लीक होने से देश के होनहार और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। केंद्र सरकार हर साल 2 करोड़ नौकरी देने के अपने पुराने वादे को अविलंब पूरा करे। डॉ हिमांशु ने गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा करने, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज की गई सभी प्राथमिकियां वापस लेने और पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाकर पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

Share this story