जेपीयू मोबिल कांड को शोध छात्र संगठन ने बताया साजिश

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जेपीयू मोबिल कांड को शोध छात्र संगठन ने बताया साजिश


सारण, 11 जून (हि.स.)। जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति परमेंद्र बाजपेई पर मोबिल फेंकने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शोध छात्र संगठन के सीवान प्रभारी विशाल सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति में गरमा गई है।

छात्र संगठन ने इस गिरफ्तारी का विरोध करते हुए अपने प्रतिनिधि को साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। संगठन के संरक्षक उज्ज्वल सिंह ने विशाल सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार और शैक्षणिक अराजकता के खिलाफ संगठन लगातार मुखर रहा है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

संगठन का आरोप है कि जिस पदाधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराया है, वह स्वयं भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त है। विश्वविद्यालय प्रशासन को कम से कम कोई ईमानदार पदाधिकारी ढूंढना चाहिए था।

संगठन के नेताओं ने विज्ञप्ति जारी कर एकतरफा कार्रवाई की निंदा की और कहा कि भ्रष्टाचार की पोल खुलने से नाराज विश्वविद्यालय प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से अपने ही व्यक्ति से मोबिल फेंकवाकर छात्रों को फंसाया है।

छात्र नेता गुलशन यादव ने कहा कि संगठन ने ऐसा किया होता तो सीना ठोककर स्वीकार करता। उन्होंने कुलपति से सवाल किया कि छात्रों को अंक पत्र की हार्ड कॉपी क्यों नहीं मिल रही, रिजल्ट में गड़बड़ियां क्यों हैं और डिग्री समय पर क्यों नहीं दी जा रही है?

अब संगठन ने न्यायालय पर भरोसा जताया है और प्रशासन से मोबिल फेंकने का वीडियो फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

इस मौके पर प्रमेन्द्र सिंह, श्रुति पाण्डेय, विकास सिंह सेंगर, आर्यन कुमार, परमजीत और दीपा पाण्डेय समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

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