विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य तेज: कंक्रीट की जगह स्टील रेलिंग, 31 दिसंबर तक मुख्य काम पूरा करने का लक्ष्य
भागलपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के जीर्णोद्धार का काम इन दिनों युद्ध स्तर पर चल रहा है। सेतु के ढांचे को पहले से कहीं अधिक हल्का और मजबूत बनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ लगातार तीन पालियों में 24 घंटे काम कर रहे हैं।
इसी कड़ी में पुल के दूसरे स्लैब की कटिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए समय-सीमा भी तय कर दी है, जिसके तहत 31 दिसंबर 2026 तक पुल का मुख्य निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मरम्मत परियोजना के तहत पुल के पुराने और भारी कंक्रीट ढांचे के बोझ को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, पुल पर सालों पुरानी भारी-भरकम कंक्रीट की रेलिंग और फुटपाथ को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इसकी जगह अब अत्याधुनिक, अत्यधिक मजबूत और वजन में हल्की स्टील रेलिंग और फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा। इस बदलाव से न केवल सेतु की कुल भार वहन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि पुल की उम्र भी कई साल लंबी हो जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, 31 दिसंबर तक मुख्य ढांचागत और स्लैब बदलने का कार्य पूरा होने के बाद जनवरी के शुरुआती हफ्तों में फिनिशिंग का काम किया जाएगा।
प्रशासन की योजना है कि जनवरी 2027 के मध्य (मकर संक्रांति तक) इस पुल को पूरी तरह से आम जनता और यातायात के लिए खोल दिया जाए, जिससे भागलपुर, नवगछिया और सीमांचल के लाखों लोगों को लंबे समय से मिल रही जाम की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

