मिथिला शोध संस्थान की पांडुलिपियों का होगा डिजिटाइजेशन : संजय झा

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दरभंगा, 24 फ़रवरी (हि.स.)। दरभंगा से राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा है कि मिथिला की प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन उनका प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर पांडुलिपियों में सुरक्षित है और इसे नई पीढ़ी तक सुरक्षित रूप में पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

माधवेश्वर परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में उन्होंने कहा कि मिथिला की शैक्षिक और सांस्कृतिक विरासत सदियों से गौरव का विषय रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के विजन के अनुरूप मिथिला शोध संस्थान में चल रहे निर्माण कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अभी संस्थान में संरचनात्मक विकास का कार्य जारी है, किंतु उनका मुख्य उद्देश्य प्राचीन, दुर्लभ और बहुमूल्य पांडुलिपियों का शीघ्र डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने संस्थान के प्रकाशन विभाग को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि शोध और प्रकाशन की परंपरा को नई गति मिल सके।

इस अवसर पर पूर्व पांडुलिपि विभागाध्यक्ष डॉ. मित्रनाथ झा ने सांसद संजय झा की धरोहर संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम में डॉ. आनंद मोहन झा, डॉ. सोमेश्वर नाथ झा दधीचि, डॉ. शंभूनाथ ठाकुर, भाजपा नेता राकेश झा, उज्ज्वल कुमार सहित कई शिक्षाविद् और गणमान्य लोग उपस्थित थे।समारोह में वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि डिजिटाइजेशन की पहल से मिथिला की ज्ञान-परंपरा वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्राप्त करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

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