बारिश बनी संजीवनी: भागलपुर में झमाझम बरसे बदरा, धान की फसलों को मिला नया जीवन

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बारिश बनी संजीवनी: भागलपुर में झमाझम बरसे बदरा, धान की फसलों को मिला नया जीवन


भागलपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। जिले में पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और सूखे जैसे हालात के बीच मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है।

सितंबर के अंतिम हफ्तों में खेतों की नमी तेजी से कम हो रही थी, जिससे धान के पौधों पर संकट मंडराने लगा था। लेकिन इस बारिश ने न सिर्फ तापमान में गिरावट लाकर लोगों को राहत दी है, बल्कि खेतों में लहलहा रही धान की फसल के लिए यह अमृत साबित हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय धान की फसल वानस्पतिक वृद्धि और बालियां निकलने की बेहद महत्वपूर्ण अवस्था में है। ऐसे समय में पर्याप्त पानी मिलने से धान की बालियों में दानों का भराव बेहतर होगा, जिससे दाने ठोस, चमकदार और वजनदार बनेंगे। खेतों में प्राकृतिक रूप से पानी मिलने से किसानों को अब डीजल पंप या ट्यूबवेल चलाकर महंगी सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे किसानों का लागत खर्च काफी हद तक बच जाएगा।

तेज बारिश की बूंदों से पौधों की प्राकृतिक धुलाई हो गई है। इससे धान में लगने वाले 'पत्ता लपेट सुंडी' और रस चूसने वाले हानिकारक कीटों व फफूंदजनित रोगों का प्रकोप काफी कम हो जाएगा। जिले के स्थानीय किसानों ने इस बारिश पर खुशी जाहिर की है।

जगदीशपुर के किसान राजकुमार पंजियारा का कहना है कि बिजली की आंख मिचौली और महंगे डीजल के कारण खेतों को सुखाड़ से बचाना मुश्किल हो रहा था। हम लोग पंपसेट चलाकर सिंचाई करने की सोच ही रहे थे कि प्रकृति ने हमारी सुन ली। इस बारिश से न केवल हमारे पैसे बचे हैं, बल्कि जो पौधे पीले पड़ रहे थे, वे फिर से हरे-भरे हो गए हैं। अब पैदावार अच्छी होने की उम्मीद बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञों ने इस बारिश को धान की फसल के लिए 'वरदान' बताया है। सितंबर के तीसरे-चौथे सप्ताह में होने वाली यह बारिश धान के लिए संजीवनी के समान है। इस समय मिट्टी में नमी रहने से पौधे जमीन में मौजूद यूरिया, जिंक और अन्य पोषक तत्वों को आसानी से जड़ों तक पहुंचा पाते हैं। हालांकि, किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जिन निचले खेतों में जलजमाव की स्थिति बन रही है, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। कुल मिलाकर, मंगलवार को हुई इस बारिश ने भागलपुर के कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत दी है और इस साल धान की बंपर पैदावार की उम्मीदें फिर से जगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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