धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा सहकारिता विभाग, डीएम ने कहा-लापरवाही बर्दाश्त नहीं
गोपालगंज, 29 नवंबर (हि.स.)। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए जिले में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और किसान के हित को लेकर शनिवार को जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई।
बैठक में डीएम ने शुरुआत में साफ कहा कि धान अधिप्राप्ति से जुड़ा हर कार्य किसानों की आजीविका और आय से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान धान खरीद की समूची प्रक्रिया समय पर, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित होनी चाहिए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के निबंधन में किसी भी प्रकार की देरी न हो। सभी प्रखंडों में हेल्पडेस्क सक्रिय रखे जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि निबंधन प्रक्रिया सरल और निष्पक्ष हो। डीएम ने कहा कि किसानों को समय पर निबंधन का अवसर मिलना सबसे पहली प्राथमिकता है।बैठक में पैक्स /व्यापार मंडलों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों और बैंक से जारी होने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र की स्थिति की समीक्षा की गई।
डीएम ने लंबित एनओसी पर नाराजगी जताते हुए बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों को तत्काल निपटाया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अचयनित या कमजोर प्रदर्शन करने वाली पैक्स/व्यापार मंडलों के स्थान पर नई समितियों के चयन पर विचार किया गया।
डीएम ने कहा कि ऐसी समितियां चयनित हों जिनका संचालन बेहतर हो और जो किसानों को समय पर सेवा प्रदान कर सकें। डीएम ने कहा कि धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य प्रत्येक समिति के कृषि उत्पादन, किसानों की संख्या और भंडारण क्षमता के आधार पर सही तरीके से निर्धारित किया जाए। इससे खरीद कार्य में अनावश्यक बाधा नहीं आएगी और पूरे जिले में संतुलित रूप से धान खरीद हो पाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Akhilanand Mishra

