बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन ने टीएमबीयू प्रशासनिक भवन पर दिया धरना, भ्रष्टाचार और जर्जर व्यवस्था के खिलाफ खोला मोर्चा
भागलपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और छात्र समस्याओं के खिलाफ बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन (बिहार) ने मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। धरने पर बैठे छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में समान डिग्री और फीस वृद्धि पर रोक, विश्वविद्यालय में सीजीपीए की अनिवार्यता को तुरंत खत्म करने और सभी छात्रों को एक समान डिग्री देने। इसके साथ ही बेतहाशा की जा रही फीस वृद्धि को तुरंत वापस लेने, स्थायी कुलपति की नियुक्ति, सत्रों को नियमित करने के लिए एक ठोस अकादमिक कैलेंडर जारी करने और समय पर परीक्षा आयोजित करने, परिणाम घोषित करने और पाठ्यक्रमों की पूरी पढ़ाई सुनिश्चित करने की गारंटी देने आदि मांगें शामिल हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि अम्बेडकर विचार एवं समाजकार्य विभाग समेत विभिन्न कॉलेजों और छात्रावासों की इमारतें जर्जर और जानलेवा हो चुकी हैं। इनका अविलंब पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. अम्बेडकर कल्याण छात्रावास संख्या-2 के सामने सड़क पर होने वाले जलजमाव का स्थायी समाधान निकाला जाए। परीक्षा विभाग में जारी कथित लूट-खसोट और भ्रष्टाचार पर तुरंत रोक लगाई जाए।
छात्रों को समय पर उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र (डिग्री/मार्कशीट) उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा, एमबीए विभाग में 30 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई पुस्तकों में हुई धांधली की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। छात्र प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी इन जायज मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होगी।
इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्र, संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

