तानाशाही के खिलाफ गरजे महागठबंधन के कार्यकर्ता, ज्ञानेश कुमार और मोदी-शाह का पुतला फूंका

WhatsApp Channel Join Now
तानाशाही के खिलाफ गरजे महागठबंधन के कार्यकर्ता, ज्ञानेश कुमार और मोदी-शाह का पुतला फूंका


भागलपुर, 07 अक्टूबर (हि.स.)। इंडिया गठबंधन के देशव्यापी आह्वान पर बुधवार को बिहपुर में प्रजातंत्र की रक्षा और तानाशाही के खिलाफ महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। बिहपुर प्रखंड मुख्यालय के गेट पर प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया।

इससे पहले, बिहपुर प्रखंड महागठबंधन के संयोजक गौतम कुमार प्रीतम की देखरेख में स्वराज आश्रम में महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी जुटान हुआ। यहाँ से एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया, जो बिहपुर शहीद गेट से शुरू होकर स्टेशन गोलंबर चौक होते हुए 'वोट चोर गद्दी छोड़' के गगनभेदी नारों के साथ प्रखंड मुख्यालय पहुंचा।

आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे राजद नेता गौतम कुमार प्रीतम ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, मोदी-शाह के इशारे पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हम बिहारियों के साथ बर्बरता की है। हमें हमारे वोट के अधिकार से वंचित किया गया है। हमारी मांग है कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत बर्खास्त किया जाए और बिहार व बंगाल में दोबारा विधानसभा चुनाव कराए जाएं। पुतला दहन कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष इबरार आलम ने की, जबकि मंच संचालन कॉमरेड निरंजन चौधरी ने किया।

आक्रोश मार्च और सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया। इस मौके पर कांग्रेस किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष व गांधी विचार विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, वीआईपी नेत्री अर्पना कुमारी, राजद के नवगछिया जिला अध्यक्ष अलख निरंजन पासवान, राजद प्रखंड अध्यक्ष किशोर सिंह यादव, कॉमरेड रामशरण यादव और जिला परिषद सदस्य मोईन राईन ने भी अपने विचार रखे। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता पंकज सिंह कुशवाहा, मोहम्मद फिरोज, डॉ. नजमुल इस्लाम, साजगार आलम, राजद के मणिलाल पासवान सहित महागठबंधन के सैकड़ों कार्यकर्ता, नेता और लोकतंत्र समर्थक मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

Share this story