भागलपुर में किसान, मजदूर और युवाओं का 'जेल भरो आंदोलन', केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
भागलपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। संयुक्त ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को भागलपुर जिला समाहरणालय के समक्ष किसान, मजदूर, छात्र और युवा संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए 'जेल भरो आंदोलन' किया।
सीआईटीयू, एसएफआई, डीवाईएफआई, एआईकेएस और एआईएडब्ल्यूयू के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और समाहरणालय गेट पर अपनी गिरफ्तारी दी। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कृषि संकट को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने चारों नए लेबर कोड को तुरंत रद्द करने, मनरेगा व्यवस्था को दुरुस्त करने और बिजली के निजीकरण सहित स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में चारों लेबर कोड को पूरी तरह रद्द करने, मनरेगा को सुचारू रूप से बहाल करने, बिजली का निजीकरण और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक लगाने, सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने, किसानों और खेत मजदूरों का पूरा कर्ज माफ करने सहित अन्य कई मांगें शामिल है। वहीं आंदोलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। समाहरणालय गेट पर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और सरकारी वाहनों से गंतव्य की ओर ले गई। संगठनों के नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन आगे और उग्र होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

