उच्च न्यायालय बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का धरना
भागलपुर, 18 मार्च (हि.स.)। भागलपुर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ या पटना उच्च न्यायालय के सर्किट बेंच की स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। यह मांग पिछले कई दशकों से लगातार उठती रही है। सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं और विभिन्न समुदायों द्वारा वर्ष 1967 से ही इस मुद्दे को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है। बुधवार को धरना प्रदर्शन के 100 दिन पूरे हुए। जिसको लेकर कलेक्ट्रेट ऑफिस के ठीक पीछे अधिवक्ताओं ने धरना दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश तिवारी ने कहा कि भागलपुर पूर्वी बिहार का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां उच्च न्यायालय की बेंच की स्थापना से न केवल न्यायिक प्रक्रिया सुगम होगी, बल्कि आसपास के करीब 15 जिलों के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि अभी इन जिलों के लोगों को पटना तक जाना पड़ता है। जिससे समय और धन दोनों की काफी हानि होती है। उन्होंने आगे कहा कि इस मांग को लेकर अधिवक्ताओं, अन्य सामाजिक संगठनों ने मिलकर लगातार आवाज उठाई है। अब रणनीति के तहत भागलपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों के संगठनों को भी इस आंदोलन से जोड़ा जा रहा है, ताकि इसे व्यापक जनसमर्थन मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाती है, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस जनहित से जुड़े मुद्दे को विधानसभा में मजबूती से उठाएं। उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला पहले संसद में उठाया जा चुका है, लेकिन उस समय यह कहकर टाल दिया गया था कि बिहार सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। ऐसे में अब आवश्यक है कि राज्य सरकार इस विषय पर पहल करे और भागलपुर में उच्च न्यायालय बेंच की स्थापना सुनिश्चित करे। स्थानीय लोगों और संगठनों को उम्मीद है कि इस बार उनकी वर्षों पुरानी मांग पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और पूर्वी बिहार के लोगों को न्यायिक सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

