छठ महापर्व की तैयारी: जिले में 270 घाट तैयार, शहरी क्षेत्र के 60 घाटों पर तैनात होंगे 3115 मजदूर
भागलपुर, 08 नवंबर (हि.स.)।
लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने कमर कस ली है। इस वर्ष पूरे जिले में कुल 270 छठ घाट तैयार किए गए हैं।
भागलपुर सदर के अलावा सुल्तानगंज, कहलगांव, नवगछिया और पीरपैंती में स्थानीय अधिकारियों को घाटों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गंगा किनारे छठ व्रतियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल देने के लिए भागलपुर नगर निगम ने अब तक की सबसे बड़ी सफाई और व्यवस्था मुहिम शुरू कर दी है।
निगम ने अपने शहरी क्षेत्र के 60 घाटों पर 3,115 मजदूरों की तैनाती की कार्ययोजना बनाई है। नगर आयुक्त के आदेशानुसार, सफाई और निगरानी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पूरे शहरी क्षेत्र को 8 जोन में बांटा गया है। सभी जोनल प्रभारियों को 14 नवंबर तक सभी घाटों की सफाई पूरी करने का सख्त लक्ष्य दिया गया है।
घाटों की सूरत बदलने के लिए मजदूरों के साथ-साथ भारी मशीनों और निर्माण सामग्री का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। बरारी पुल घाट पर 25 मजदूरों के साथ मिनी पोकलेन मशीन से दिन-रात गाद निकालने का काम जारी है। दलदली और फिसलन वाले हिस्सों को समतल करने व स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगम ने विशेष सामग्री की व्यवस्था की है। जिसमें बालू 2,074 ट्रेलर, चूना 1,450 किलो, ब्लीचिंग पाउडर 750 किलो और पुआल एवं कसाल 306 बोरा शामिल है। वहीं भीड़ और नदी के जलस्तर व बहाव को देखते हुए 8 प्रमुख घाटों— चंपापुल, बूढ़ानाथ, मुशहरी, बरारी लंच, गंगा ब्रिज, आदमपुर, एसएम कॉलेज और सीढ़ी घाट को विशेष निगरानी में रखा गया है।
श्रद्धालु गहरे पानी में न जाएं, इसके लिए यहां बैरिकेडिंग कर लाल कपड़े से खतरे का निशान लगाया जाएगा। महिलाओं की सुविधा के लिए घाटों पर अस्थायी चेंजिंग रूम (वस्त्र बदलने के घर) भी बनाए जा रहे हैं। काम के दायरे और भीड़ के आकलन के अनुसार मजदूरों की संख्या तय की गई है। बूढ़ानाथ घाट पर सर्वाधिक 250, गंगा ब्रिज घाट पर 200, मुशहरी और आदमपुर घाट पर 105-105 तथा बरारी लंच घाट पर 100 मजदूर तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त, घाटों और संपर्क पथों पर खराब एलईडी, सीएफएल व वेपर लाइटों को दुरुस्त करने का जिम्मा रोशनी शाखा को दिया गया है। साथ ही, घाटों की ओर जाने वाली गलियों और मुख्य सड़कों से भी कचरा उठाने का निर्देश जारी किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

