सीनियर आईपीएस विकास वैभव ने बिहार की पौराणिक गौरवशाली इतिहास के पुनर्जागरण की अपील की
अररिया 18 अप्रैल(हि.स.)। बिहार के सीनियर आईपीएस एवं बिहार राज्य योजना पर्षद के सलाहकार विकास वैभव शनिवार को फारबिसगंज के रूंगटा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की ओर से प्रतिभा सम्मान समारोह में भाग लिया,जहां उन्होंने दसवीं और बारहवीं के बिहार बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के मेधावी छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
आरआईएमटी में आयोजित युवा संवाद सह सम्मान समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईपीएस विकास वैभव, प्राचार्य राशिद हुसैन, अररिया नप के उप मुख्य पार्षद गौतम कुमार, निदेशक एस.बी. कुमार, आईपका अध्यक्ष राशिद जुनैद और शिक्षाविद कार्तिक सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि का स्वागत मिथिला के पाग, लेट्स इंस्पायर बिहार के स्मृति चिह्न और मखाना प्रदान कर किया गया।
कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में आईपीएस विकास वैभव ने बिहार के गौरवशाली इतिहास पर बड़ी ही संजीदगी से प्रकाश डालते हुए युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण,अनुशासन एवं निरंतर परिश्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो अपने सपनों को जुनून के साथ साकार करने का साहस रखते हैं।
उन्होंने लेट्स इंस्पायर बिहार 2047 के लक्ष्य को आगे रखते हुए कहा कि हम बिहारी को नया करने की जरूरत नहीं है। बस अपनी खोई हुई विरासत को फिर से जागृत करने की आवश्यकता है।उन्होंने बिहार की धरती को पूरे विश्व को लोकतंत्र, शिक्षा और संस्कार का ज्ञान देने का उद्गम स्थल बताया। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों के प्रति व्यक्ति आय का बिहार से तुलना करते हुए युवाओं का ध्यान सरकारी सेवा के अलावे उद्यमिता के क्षेत्र क्रांति की तरफ इशारा किया।
उन्होंने श्वेतकेतु की कहानी कहते हुए दूरद्रष्टा,स्वचिंतन और जागृत होने की आवश्यकता को बताया।उन्होंने कहा कि स्वयं को कमजोर समझना सबसे बड़ी मूर्खता है।प्राचीन बिहार की कल्पना कीजिए।जब दुनिया में ऑक्सफोर्ड जैसे यूनिवर्सिटी नहीं थे तो हमारे बिहार में नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय थे।जहां देश दुनिया से लोग शिक्षा लेने आते थे। उन्होंने जाति,सम्प्रदाय,लिंग से ऊपर उठकर 2047 तक ऐसे विकसित बिहार बनाने की बात कही,जहां स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए बिहारियों को बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि आज जॉब क्रिएटर्स और स्टार्टअप की जरूरत है।बिहार में कमी नहीं है,बस कमी है तो प्रोडक्शन की।उसी बिहार को बदलने के लिए उनके द्वारा लेट्स इंस्पायर बिहार मुहिम चलाई जा रही है,जिसमें साढ़े तीन लाख से अधिक लोग व्हाट्सअप और सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े हैं।मौके पर उन्होंने रूंगटा के चेयरमैन एमपी रूंगटा के प्रयासों को सराहा,जो दिल्ली में रहते हुए अपने अररिया जिला में स्कूल,अस्पताल और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना किए हैं।
मौके पर अररिया नप के उप मुख्य पार्षद गौतम कुमार ने कहा जीवन में चुनौतियां आएंगी, लेकिन आत्मविश्वास और शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार होगा। असफलताओं से घबराने के बजाय सीखने को प्रेरित किया।
आरआईएमटी निदेशक एस. बी. कुमार व प्राचार्य डॉ. राशिद हुसैन ने संस्थान की शैक्षणिक प्रगति पर प्रकाश डाला, संस्थान का उद्देश्य केवल आपको शिक्षित बनाना नहीं, बल्कि आपको उन पंखों से लैस करना है, जिससे आप वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। आप अपनी रुचि के क्षेत्र में जुनून के साथ आगे बढ़े। समारोह में लगभग पांच सौ से अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

