जदयू पार्टी कार्यालय से लेकर पटना की सड़कों पर पोस्टर पॉलिटिक्स से सियासी माहौल गर्म
पटना, 10 अप्रैल (हि.स.)। बिहार के लिए शुक्रवार का दिन राजनीतिक रुप से काफी अह्म है। एक तरफ दिल्ली में करीब 12.15 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता लेंगे, ठीक उससे पहले पटना की सड़कों से लेकर जदयू पार्टी कार्यालय तक पोस्टर पॉलिटिक्स और अंदरूनी कलह ने सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
पटना में जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इन पोस्टरों में नीतीश के बेटे निशांत कुमार को भविष्य का मुख्यमंत्री बताया गया है और साथ ही लिखा गया है “हे जनेश्वर, नीतीश सेवक मांगे निशांत… पूछता है बिहार-आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ।” इस संदेश ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को और उजागर कर दिया है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन और संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर जदयू के भीतर असंतोष पहले से ही बढ़ रहा था। कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब खुलकर सड़क और पार्टी कार्यालय तक पहुंच गई है। इससे पहले भी जदयू के कई कार्यकर्ताओं ने पटना में विरोध प्रदर्शन करते हुए पार्टी नेतृत्व के फैसलों पर नाराजगी जताई थी और पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली में शपथ के बाद पटना लौटकर नीतीश कुमार किस तरह इस सियासी असंतोष और अंदरूनी बगावत को संभालते हैं, क्योंकि बिहार की राजनीति में यह सिर्फ पोस्टर नहीं, बल्कि भविष्य की सत्ता की दस्तक मानी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

