एसडीपीओ पोलस्त कुमार का हुआ तबादला
बक्सर, 30 अगस्त (हि.स.)। अनुमंडल में एसडीपीओ के रूप में अपने कार्यकाल की शुरुआत कर अपनी बेहतरीन प्रतिभा से एएसपी बने पोलस्त कुमार का तबादला हो गया है। अब वे वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल में एएसपी के पद पर अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके स्थान पर फिलहाल किसी अधिकारी की नई पोस्टिंग नहीं होने से डुमरांव में पुलिस प्रशासन में अस्थायी रिक्ति की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एएसपी पोलस्त कुमार का डुमरांव में कार्यकाल काफी प्रभावशाली और सराहनीय माना जा रहा है। उन्होंने अपने नेतृत्व में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उनके कार्यकाल के दौरान पुलिस ने 100 किलो से अधिक गांजा और करीब 970 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ अंतरजिला गिरोह के तीस से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया।
पुलिस की कार्यशैली को तेज और प्रभावी बनाने में अहम योगदान
इसके अलावा लगभग 35 हजार लीटर अवैध शराब की बरामदगी भी पुलिस की बड़ी सफलता रही। गंभीर आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। हत्या के आधा दर्जन मामलों का 24 घंटे के भीतर उद्भेदन कर उन्होंने पुलिस की कार्यशैली को तेज और प्रभावी बनाया। उनके नेतृत्व में अपराधियों पर नकेल कसने के साथ-साथ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति में भी स्पष्ट सुधार देखने को मिला। एएसपी पोलस्त कुमार ने केवल अपराध नियंत्रण तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से पुलिस-पब्लिक मैत्री संबंध मजबूत हुए, जिससे लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा और पुलिस के प्रति सकारात्मक माहौल बना।
कर्मठ और सक्रिय अधिकारी के रूप में कार्यकाल
एएसपी पोलस्त कुमार ने करीब साल भर पहले डुमरांव में योगदान दिया था। साल भर में उन्होंने कई बेहतरीन उपलब्धियां हासिल की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम हुआ। उनके तबादले की खबर से जहां एक ओर नई जिम्मेदारी को लेकर शुभकामनाएं दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर डुमरांव में उनकी कमी भी महसूस की जा रही है। उनके कार्यकाल की उपलब्धियां क्षेत्र के लिए एक मिसाल के रूप में देखी जा रही हैं। वे आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते थे। कई लोगों का मानना है कि उनके जैसे कर्मठ और सक्रिय अधिकारी का स्थान भर पाना आसान नहीं होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra

