दो साल बाद फिर बसा उजड़ा परिवार, पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की पहल रंग लाई
पूर्णिया, 23 मई (हि.स.)।
पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को पुलिस परिवार परामर्श केंद्र ने सुलझाकर एक उजड़ा परिवार फिर से बसा दिया। पत्नी ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई थी कि उसका पति पिछले दो वर्षों से न तो उसकी और न ही अपने पुत्र की कोई खोज-खबर ले रहा है। मामले को सुलझाने के लिए एसपी ने इसे पुलिस परिवार परामर्श केंद्र भेजा था।
परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों को बुलाया गया। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति हमेशा अपने बहनोई के कहने पर चलता है, उनकी दुकान में नौकर की तरह काम करता है और उसे खर्च के लिए एक रुपया तक नहीं देता। साथ ही गहने-जेवर रखने का भी आरोप लगाया। वहीं पति ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि बचपन में माता-पिता के छोड़ देने के बाद उसके बहनोई ने ही उसे सहारा दिया था, इसलिए वह उन्हें छोड़ नहीं सकता।
दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने पर परामर्श केंद्र ने उन्हें उनके पुत्र के भविष्य की याद दिलाई और आपसी समझदारी से जीवन बिताने की सलाह दी। काफी समझाने-बुझाने के बाद दोनों साथ रहने पर राजी हो गए और भविष्य में शिकायत का मौका नहीं देने का लिखित आश्वासन दिया। पत्नी सदर थाना क्षेत्र की लोरी बस्ती की रहने वाली है, जबकि पति रानीपतरा का निवासी बताया गया है।
शुक्रवार को पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में कुल 25 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें आठ मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि पांच मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर उनका घर फिर से बसाया गया। तीन मामलों में पक्षकारों को थाना अथवा न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नंदकिशोर सिंह

