सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज: जिले में ‘पीएम-राहत’ योजना लागू
कटिहार, 26 अक्टूबर (हि.स.)। सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने और घायलों को गोल्डन ऑवर में समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना’ (पीएम-राहत) प्रभावी कर दी गई है। इस योजना के तहत दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को हादसे की तिथि से अधिकतम सात दिनों तक अथवा ₹1.5 लाख तक का पूर्णतः कैशलेस उपचार मुहैया कराया जाएगा। योजना का मुख्य ध्येय आर्थिक तंगी के कारण इलाज में होने वाली देरी को खत्म कर तत्काल जान बचाना है।
24 घंटे के भीतर भर्ती और त्वरित पुलिस सत्यापन अनिवार्य
प्रावधानों के अनुसार, दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर पीड़ित को अधिकृत अस्पताल में भर्ती कराना आवश्यक होगा। जीवन के लिए अत्यधिक गंभीर मामलों में निर्धारित अस्पताल में 48 घंटे तक तथा गैर-जीवन-घातक मामलों में 24 घंटे तक स्थिरीकरण (स्टेबलाइजेशन) उपचार की व्यवस्था की गई है। हादसे की आधिकारिक पुष्टि के लिए जिला पुलिस को 24 से 48 घंटे की समय-सीमा दी गई है। यदि मामला दूसरे जिले के अधिकार क्षेत्र का हो, तो पुलिस व्यवस्था के तहत तीन घंटे के भीतर केस ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
टीएमएस 2.0 और इडीएआर से डिजिटल निगरानी
अस्पतालों और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय के लिए हाईटेक डिजिटल प्रणाली लागू की गई है। अस्पतालों के 'ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम' (टीएमएस 2.0) तथा पुलिस के 'इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट' (इडीएआर) के जरिए आंकड़ों का त्वरित आदान-प्रदान होगा। अस्पताल में मरीज का ब्यौरा दर्ज होते ही विशिष्ट 'ट्रीटमेंट आईडी' जारी होगी, जिससे संबंधित थाने और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 को अलर्ट जाएगा। बीमित वाहनों के मामलों में जनरल इंश्योरेंस काउंसिल और गैर-बीमित मामलों में जिला पदाधिकारी के माध्यम से अस्पतालों के क्लेम का समय पर भुगतान किया जाएगा।
जिले के सरकारी और निजी अस्पताल अधिकृत
कटिहार जिले में घायलों के उपचार के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है:
सरकारी अस्पताल: जिला अस्पताल कटिहार, अनुमंडलीय अस्पताल मनिहारी, अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई, रेफरल अस्पताल बरारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फलका, तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कदवा, आजमनगर एवं अमदाबाद।
निजी अस्पताल: कटिहार मेडिकल कॉलेज, जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल, रेडिएंट हॉस्पिटल, सीमांचल मेट्रो हॉस्पिटल, मार्क हॉस्पिटल, जनलक्ष्य हॉस्पिटल, कटिहार लायंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, रोशना बाजार नर्सिंग होम (लभा), बारसोई आई केयर, किलकारी चाइल्ड हॉस्पिटल, सत्यभामा नेत्रालय, संजीवनी नेत्रालय और सिटी आई हॉस्पिटल।
सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और 112 पर सूचना की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना के समय भयमुक्त होकर घायल को निकटतम अस्पताल पहुंचाएं और आपातकालीन नंबर 112 पर तुरंत सूचना दें। इसके साथ ही दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़ों को न्यूनतम किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

