पीएम आवास योजना के चयनित लाभार्थियों की सूची से पंचायतों में असंतोष
अररिया 03 अक्टूबर(हि.स.)।फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित लाभार्थियों की सूची विभाग की ओर से जारी की गई है। सूची सामने आने के बाद प्रखंड के दर्जनों पंचायतों में असंतोष का माहौल पैदा हो गया है।ग्राम सभाओं के दौरान लोगों को सूची की जानकारी मिलने के बाद पात्र लाभुकों और ग्रामीणों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। फारबिसगंज प्रखंड के तिरस्कुंड पंचायत के दर्जनों महिलाओं ने आवास योजना में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के लिए पात्र और जरूरतमंद लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं किया गया हैं, जबकि संपन्न लोगों के नाम सूची में जोड़ दिया गया हैं।ग्रामीणों के साथ विभाग द्वारा जारी लाभार्थी सूची को लेकर संबंधित पंचायतों के मुखिया भी असहज और नाराज नजर आ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सूची तैयार करने में यदि अनियमितता हुई है, तो इसका खामियाजा उन्हें भी भुगतना पड़ सकता है। पंचायत चुनाव को लेकर भी ग्रामीणों के बीच इस मुद्दे की चर्चा जोर शोर से हो रही है। वहीं, जनता के सवालों का जवाब देना जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों की ओर से सबसे अधिक सवाल पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे हैं। योजना में पारदर्शिता और सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आवास सहायक और आवास पर्यवेक्षक की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद लाभार्थी सूची में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि सूची में नाम शामिल कराने के नाम पर कथित रूप से अवैध वसूली यानी नजराना का खेल चला है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में फिलहाल कोई लिखित या ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।जब इस संबंध में ग्रामीण पंचायत कर्मियों से सवाल किया जाता है, तो उनके स्तर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि लाभार्थी सूची में नाम चयन की प्रक्रिया और पात्रता के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक लाभुकों को योजना का लाभ मिल सके। वर्षों से पक्के मकान का इंतजार कर रहे गरीब और जरूरतमंद लाभुक अब यह जानना चाहते हैं कि उन्हें योजना का लाभ कब मिलेगा।
वहीं इस मामले पर फारबिसगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी कर्मजीत राम ने कहा कि कई पंचायतों से पुन आवास योजना के जारी लाभार्थी सूची में गड़बड़ी और संपन्न लोगों के नाम की शिकायत मिली है,जिसको लेकर जांच की जा रही है।उन्होंने कहा कि अगर लाभुकों को लगता है कि सूची में उनका नाम दर्ज नहीं है और वे पात्रता रखते हैं तो उप विकास आयुक्त से गुहार लगा सकते हैं।
बहरहाल पीएम आवास योजना सूची को लेकर ग्रामीण इलाकों में रोष का माहौल है और ग्रामीण जनप्रतिनिधि भी सूची से सकते में हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

