सुपौल की पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट से मिलेगा सड़क निर्माण को कच्चा माल, बिटुमिन में होगा प्लास्टिक कचरे का उपयोग
सुपौल, 10 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार के सुपौल जिले में प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण और उसके पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। अब प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीडब्ल्यूएमयू) में प्रोसेस्ड प्लास्टिक का उपयोग सड़क निर्माण में बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
इसको लेकर शनिवार को उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ प्रमंडल के संबंधित अभियंताओं और संवेदकों के साथ प्लास्टिक कचरे के प्रभावी उपयोग तथा उसकी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उप विकास आयुक्त ने बताया कि सुपौल जिले में पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट संचालित हैं, जहां से प्रोसेस्ड प्लास्टिक उपलब्ध कराया जा सकता है। जिले में प्लास्टिक कचरा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में सड़क निर्माण कार्यों में इसका उपयोग बढ़ाकर प्लास्टिक अपशिष्ट के निस्तारण के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने संबंधित अभियंताओं और संवेदकों को निर्देश दिया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों के लिए स्थानीय प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट से प्रोसेस्ड प्लास्टिक प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सड़क निर्माण में बिटुमिन के साथ निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार प्रोसेस्ड प्लास्टिक का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण, उसके उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को प्रोत्साहित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्लास्टिक कचरे को केवल अपशिष्ट के रूप में देखने के बजाय उपयोगी संसाधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाए। इससे कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ सड़क निर्माण में वैकल्पिक सामग्री के उपयोग को भी बढ़ावा मिल सकता है। डीडीसी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इस पहल को सफल बनाने के लिए अभियंताओं और संवेदकों को आगे आकर सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट से प्रोसेस्ड प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देने से अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी और समाज के विकास में भी सकारात्मक योगदान मिलेगा।
उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट से सड़क निर्माण एजेंसियों तक सामग्री की आपूर्ति के लिए प्रभावी फॉरवर्ड लिंकेज सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में मौजूद अभियंताओं एवं संवेदकों ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रगति से जुड़े इस कार्य में पूरा सहयोग करने की बात कही। उन्होंने विभागीय निर्देशों के अनुरूप सड़क निर्माण में प्रोसेस्ड प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। बैठक में निदेशक आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक सोनम कुमारी सहित जिला सलाहकार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

