वार रूम कर्मी ने बीडीओ पर डेढ़ लाख रुपये मांगने का लगाया आरोप, डीएम से की जांच की मांग

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वार रूम कर्मी ने बीडीओ पर डेढ़ लाख रुपये मांगने का लगाया आरोप, डीएम से की जांच की मांग


सुपौल, 16 जुलाई (हि.स.)। जिले के पिपरा प्रखंड मुख्यालय स्थित स्वच्छता कार्यालय में प्रतिनियुक्त वार रूम कर्मी संतोष कुमार पासवान को नियुक्ति के महज 10 दिन बाद पद से हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। गुरुवार को संतोष कुमार ने जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त, सुपौल को लिखित आवेदन देकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमरेन्द्र पंडित पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोबारा योगदान कराने की मांग की है।

अपने आवेदन में संतोष कुमार ने बताया कि उन्हें एक जुलाई को नियुक्ति पत्र जारी कर योगदान कराया गया था और वह नियमित रूप से कार्यालय में कार्य कर रहे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान बीडीओ ने उनसे डेढ़ लाख रुपये की मांग की। उन्होंने दावा किया कि राशि देने से असमर्थता जताने के बाद उनकी नियुक्ति 10 दिनों के भीतर ही स्थगित कर दी गई।संतोष कुमार का कहना है कि नियुक्ति के बाद उन्हें कभी हाजिरी बनाने से नहीं रोका गया, न ही उनके कार्य को लेकर कोई शिकायत की गई और न ही किसी प्रकार का स्पष्टीकरण मांगा गया। ऐसे में बिना कारण बहाली स्थगित किया जाना अनुचित है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

आवेदन में उन्होंने चयन प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार पूर्व में प्रतिनियुक्त वार रूम कर्मी अजय यादव के शिक्षक बनने के बाद यह पद रिक्त हुआ था। ग्रामीण विकास विभाग एवं उप विकास आयुक्त के निर्देश पर आवेदन आमंत्रित किए गए, जांच के बाद उनका चयन हुआ और एक जुलाई को नियुक्ति पत्र जारी किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि दीना पट्टी पंचायत में स्वच्छता ग्राही के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जा चुका है।गौरतलब है कि प्रखंड कार्यालय ने 11 जुलाई को उनकी बहाली स्थगित करने संबंधी सूचना जारी की थी। इसके बाद मामला सार्वजनिक होने पर 14 जुलाई से बीडीओ के एक माह के अवकाश पर चले जाने से क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन को आवेदन सौंप दिया गया है और अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच एवं आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। साथ ही, प्रखंड विकास पदाधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि हो सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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