जयप्रकाश विश्वविद्यालय पर स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप

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सारण, 02 मई (हि.स.)। जय प्रकाश विश्वविद्यालय में महाविद्यालयों की संबद्धता प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर शंका व्यक्त की है।

संघ के अध्यक्ष प्रो डॉ रविंद्र सिंह एवं महासचिव प्रो अच्युतानंद सिंह ने कुलसचिव को आवेदन सौंपकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। शिक्षक संघ का कहना है कि एक ओर पटना उच्च न्यायालय और कुलाधिपति ने संबद्धता के लिए स्पष्ट समय-सीमा और पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय स्तर पर इन निर्देशों की अनदेखी की जा रही है।

संघ ने चेतावनी दी है कि हालिया निर्णय स्थापित नियमों और परिनियमों के अनुरूप नहीं हैं। विश्वविद्यालय को भेजे गए पत्र में उल्लेख है कि आवेदन प्राप्ति से लेकर निरीक्षण दल के गठन, जांच प्रतिवेदन और विद्वत परिषद व अधिषद की स्वीकृति तक के सभी चरण निर्धारित कैलेंडर के भीतर होने चाहिए। उच्च न्यायालय में दायर शपथपत्र के अनुसार, समय-सीमा का उल्लंघन अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार बन सकता है।

संघ ने वर्तमान परिस्थितियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अधिषद की बैठकों का बार-बार स्थगित होना और निरीक्षण दलों पर त्वरित रिपोर्ट देने के लिए बनाया जा रहा अनुचित दबाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधानिकता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। बिना किसी ठोस आधार और निर्धारित मापदंडों के संबद्धता प्रदान करना नियमों का खुला उल्लंघन है जिससे विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

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