करोड़ों बहाने के बाद भी नहीं बचा राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध, सांसद ने उठाए सवा

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करोड़ों बहाने के बाद भी नहीं बचा राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध, सांसद ने उठाए सवा


भागलपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। जिले के नवगछिया अनुमंडल स्थित गोपालपुर प्रखंड के राघोपुर-काजीकोरैया जमींदारी तटबंध पर इस साल चलाया गया फ्लड फाइटिंग अभियान भारी विवादों में घिर गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा तटबंध की सुरक्षा के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाने के बावजूद नतीजा 'ढाक के तीन पात' रहा। 24 अगस्त की रात को यह बांध टूट गया, और सितंबर की शुरुआत तक इसमें आई दरार बढ़कर 400 मीटर से ज्यादा हो गई है। करोड़ों रुपये की योजनाएं और संसाधन नदी में झोंकने के बाद भी बांध न बचने को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने विभाग और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को एक विशेष प्रेस वार्ता कर इस पूरे अभियान के खर्च को सार्वजनिक करने और इसकी हाई-लेवल स्पेशल ऑडिट कराने की मांग की है। सांसद पप्पू यादव ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध और आसपास का क्षेत्र लंबे समय से भारी बजट वाली योजनाओं का केंद्र रहा है, लेकिन इसका लाभ स्थानीय जनता को कभी नहीं मिला। वर्ष 2005-06 में ही इस क्षेत्र में स्थायी कटावरोधी कार्य के लिए लगभग 13 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2006 से 2019 के बीच पूरे नवगछिया अनुमंडल में स्थायी कटावरोधी और फ्लड फाइटिंग कार्यों पर करीब 686 करोड़ रुपये खर्च होने का आधिकारिक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इसी साल विभाग द्वारा करीब 5 करोड़ रुपये की नई योजना स्वीकृत की गई थी। इसके बावजूद जुलाई में पहले 110 मीटर का कटाव हुआ, और फिर अगस्त-सितंबर आते-आते पूरा बांध बह गया। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने सीधे तौर पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और संवेदकों की मिलीभगत पर सवाल दागे। उन्होंने कहा, जब करोड़ों के संसाधन और फ्लड फाइटिंग सामग्रियां नदी में डाली जा रही थीं, तो यह बांध सुरक्षित क्यों नहीं रहा? क्या सारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही तैर रही थीं? जनता के टैक्स के पैसे की इस तरह खुली लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि इस पूरे फ्लड फाइटिंग अभियान में खर्च हुई भारी-भरकम राशि का एक-एक हिसाब सार्वजनिक किया जाए। तटबंध टूटने और दरार के 400 मीटर तक फैल जाने के कारण गंगा और सहायक नदियों का पानी तेजी से राघोपुर और गोपालपुर के निचले रिहायशी और कृषि इलाकों में प्रवेश कर गया है। इससे हजारों की आबादी प्रभावित हुई है और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारी सिर्फ बाढ़ आने पर ही जागते हैं और 'फ्लड फाइटिंग' के नाम पर लूट-खसोट का खेल खेला जाता है। सांसद पप्पू यादव ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और खर्च का विस्तृत ऑडिट नहीं कराया गया, तो वे क्षेत्र की पीड़ित जनता को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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