पंचायत सेवा संघ ने मांगों के समर्थन में जताया सांकेतिक विरोध

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पंचायत सेवा संघ ने मांगों के समर्थन में जताया सांकेतिक विरोध


सुपौल, 24 सितंबर (हि.स.)। बिहार पंचायत सेवा संघ की जिला इकाई ने संघ की विभिन्न मांगों के समर्थन में सांकेतिक विरोध का निर्णय लिया है। संघ ने पंचायत राज विभाग के सचिव के नाम एक ज्ञापन जिला पंचायत राज पदाधिकारी को पत्र सौंपकर बताया है कि 14 सितंबर 2026 से कार्यालय अवधि के दौरान संघ के सदस्य काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे है। संघ ने स्पष्ट किया है कि कार्यालय का नियमित कार्य पूर्ववत संचालित होता रहेगा।

एडीपीआरओ कालीचरण ने बताया कि मुख्य मांगों में पंचायत राज व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में प्रखंड स्तरीय विभागीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित प्रशासनिक एवं कार्यात्मक स्वतंत्रता नहीं मिलने, गैर-विभागीय हस्तक्षेप, पदोन्नति एवं कैडर से संबंधित विसंगतियों तथा वेतन संबंधी समस्याओं के लंबित रहने से संवर्ग के सदस्यों में असंतोष है। संघ ने कहा कि पिछले वर्षों में समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए लगातार पत्राचार, वार्ता तथा विभिन्न स्तरों पर अनुरोध किया गया, लेकिन अपेक्षित सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने सरकार और विभाग से मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक पहल करने की अपील की है।

संघ द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में पंचायत राज व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रखंड स्तरीय विभागीय पदाधिकारियों को राजपत्रित घोषित करते हुए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियां देना, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में नामित करना तथा वेतन एवं सेवा संबंधी विसंगतियों को दूर करना शामिल है। इसके अलावा लंबित प्रोन्नति मामलों के शीघ्र निष्पादन, एडप्रो,ए.सी.ई.ओ पदों से संबंधित विभागीय पत्रों को धरातल पर लागू करने, विभागीय पदाधिकारियों को पर्याप्त प्रशासनिक एवं कार्यात्मक स्वतंत्रता देने, विभागीय कार्यों में गैर-विभागीय पदाधिकारियों के अनावश्यक हस्तक्षेप को समाप्त करने तथा विभागीय कर्मियों पर पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

संघ ने प्रखंड पंचायत राज कार्यालयों में आवश्यक कर्मचारियों की व्यवस्था, कार्यालय व्यय के लिए अलग प्रावधान तथा संवर्ग की अन्य लंबित एवं जायज मांगों का समयबद्ध समाधान करने की भी मांग की है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार एवं विभाग की ओर से मांगों के समाधान की दिशा में ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो बिहार पंचायत सेवा संघ द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सामूहिक अवकाश पर जाने सहित अन्य कार्यक्रमों पर विचार किया जाएगा। संघ ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित करने और संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ शीघ्र वार्ता आयोजित करने का अनुरोध किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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